CEC ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, NCPI ने PM मोदी को लिखा पत्र; चुनावी प्रक्रिया में योगदान का किया जिक्र

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग सामने आई है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चटर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ज्ञानेश कुमार के नाम पर देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए विचार करने का अनुरोध किया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव का किया जिक्र
NCPI ने अपने पत्र में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग के नेतृत्व और चुनावी प्रक्रिया का उल्लेख किया है। पार्टी ने शांतिपूर्ण मतदान, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और रिकॉर्ड मतदान को ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व से जोड़ते हुए उनकी सराहना की है।
पार्टी ने पत्र में कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और अनियमितताओं के आरोपों के पुराने संदर्भ के बावजूद हालिया विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। NCPI ने इसे मतदाताओं के विश्वास से जोड़ते हुए चुनाव आयोग के कामकाज की प्रशंसा की है। ये दावे NCPI के पत्र में किए गए हैं।
SIR को भी बताया अहम कदम
NCPI ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का भी उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की गहन समीक्षा से अयोग्य प्रविष्टियों की पहचान करने में मदद मिलती है और इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत होती है।
चुनाव आयोग के समर्थन में प्रदर्शन भी हुआ
इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर अग्रवाल और वैश्य समाज के कुछ संगठनों ने भी CEC ज्ञानेश कुमार के समर्थन में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान उनके लिए भारत रत्न की मांग भी उठाई गई थी।
वहीं, दूसरी ओर SIR को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग ने इस राजनीतिक विवाद के बीच एक अलग बहस को जन्म दिया है।
NCPI ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि ज्ञानेश कुमार के नाम को भारत रत्न के लिए राष्ट्रपति के समक्ष विचारार्थ भेजा जाए।



