‘देवरा’ के AI डीपफेक वीडियो पर बवाल, जान्हवी कपूर ने तोड़ी चुप्पी; बोलीं- ‘उसका शरीर, उसकी तस्वीर, उसकी सीमा, उसकी च्वाइस’

मुंबई। फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ के कथित AI डीपफेक वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। वीडियो में जान्हवी कपूर और जूनियर एनटीआर को आपत्तिजनक तरीके से दिखाए जाने के बाद जूनियर एनटीआर ने इस तरह के AI के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई थी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद विजय देवरकोंडा और चिरंजीवी समेत कई कलाकारों ने भी डीपफेक वीडियो के खिलाफ आवाज उठाई।
अब इस मामले पर जान्हवी कपूर ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा बयान साझा करते हुए महिलाओं की सहमति, निजी सीमाओं और AI के जरिए बनाए जा रहे आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर चिंता जाहिर की।
‘बिना सहमति महिला का कंटेंट बनाना यौन उत्पीड़न के बराबर’
जान्हवी ने कहा कि महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करने और उनकी सहमति के बिना झूठा या आपत्तिजनक कंटेंट तैयार करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बेहद गंभीर मुद्दा है। उन्होंने इसे यौन उत्पीड़न के बराबर बताया।
उन्होंने कहा कि उनकी इंडस्ट्री की लगभग सभी महिलाओं को किसी न किसी रूप में इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक, महिला के शरीर को लेकर उसकी सहमति, पसंद और सम्मान का ध्यान रखना बेहद बुनियादी मानवीय मूल्य होना चाहिए।
‘न का मतलब न’
जान्हवी ने महिलाओं की सहमति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अगर कोई महिला लगातार पांच दिन ‘हां’ कहती है और छठे दिन ‘न’ कहती है, तो उसके ‘न’ का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कुछ लोगों के लिए इस बुनियादी बात को समझना अब भी मुश्किल क्यों है।

पैपराजी के आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर भी उठाई आवाज
जान्हवी ने अपने बयान में महिलाओं की तस्वीरें लेने के दौरान आपत्तिजनक कैमरा एंगल के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसी महिला का मिनीस्कर्ट पहनना किसी को उसकी स्कर्ट के नीचे कैमरा लगाने या गलत एंगल से तस्वीर लेने की अनुमति नहीं देता।
उन्होंने कहा कि महिला अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है, किस चीज को लेकर सहज है और उसकी सीमाएं क्या हैं—इनका फैसला लेने का अधिकार उसी महिला का है।
‘ये सिर्फ AI वीडियो का मुद्दा नहीं’
जान्हवी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जिन AI वीडियो का उन्होंने सामना किया, यह मुद्दा उससे कहीं बड़ा है। उन्होंने इसे महिलाओं के सामने मौजूद उस व्यापक चुनौती से जोड़ा, जिसमें उन्हें लगातार लोगों की नजर, फैसले और अपनी सुरक्षा को लेकर संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में यह खतरा और बढ़ गया है, जबकि महिलाओं को वास्तविक दुनिया में होने वाले उत्पीड़न और असुरक्षा से भी अब तक पूरी तरह निजात नहीं मिली है।
जूनियर एनटीआर, चिरंजीवी और विजय देवरकोंडा का जताया आभार
जान्हवी ने जूनियर एनटीआर, चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और खुशबू समेत उन कलाकारों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने कथित डीपफेक वीडियो के खिलाफ आवाज उठाई और ऐसे कंटेंट की निंदा की।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के उत्पीड़न में किसी भी रूप में शामिल लोग अपनी हरकतों पर आत्मनिरीक्षण करेंगे। अपने बयान के अंत में जान्हवी ने महिला की पहचान और उसकी सीमाओं को लेकर स्पष्ट संदेश दिया—“उसका शरीर। उसकी तस्वीर। उसकी सीमा। उसकी च्वाइस।”



