देश में मौसम का मिला-जुला असर: यूपी में बाढ़, बिहार में 8 लाख लोग प्रभावित; MP-राजस्थान में बढ़ी गर्मी-ठंड

दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम (MAUSAM) का असर अलग-अलग दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित है, जबकि मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद दिन में गर्मी और रात में ठंड बढ़ने लगी है।
राजस्थान में मानसून की विदाई के साथ तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उत्तराखंड और पंजाब-चंडीगढ़ में आने वाले दिनों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी में 9 दिन से बारिश नहीं, फिर भी बाढ़ के हालात
उत्तर प्रदेश में पिछले 9 दिनों से बारिश नहीं हुई है, लेकिन बांधों से छोड़े गए पानी के कारण कई नदियां उफान पर हैं। राज्य के 11 जिलों में 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का संकट बना हुआ है। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का कटान भी तेज हो गया है।
राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का पानी कई इलाकों में घुस गया है। 40 हजार से ज्यादा घरों में पानी पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब 10 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कई इलाकों की गलियों में पानी भरने के कारण नावों से आवाजाही की जा रही है। लोगों को जरूरी सामान जुटाने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गोमती रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बारिश नहीं होने के बावजूद बांधों से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
बिहार के 466 गांव बाढ़ की चपेट में, 27 मौतें
बिहार में भी बाढ़ का असर कई जिलों में दिखाई दे रहा है। राज्य के 6 जिलों के करीब 466 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान चलाकर 92,730 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
बाढ़ से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं (MAUSAM) में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। सारण जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां करीब 3.55 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। करीब 44 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ के पानी के कारण कई जगहों पर सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है। नदी के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
MP में मानसून विदा, दिन में गर्मी और रात में ठंड
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम में बदलाव साफ नजर आने लगा है। दिन में धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात में ठंडक बढ़ रही है। पिछले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में करीब 4°C तक गिरावट दर्ज की गई है।
अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 16°C तक पहुंच गया है। वहीं इंदौर में रात का तापमान 18°C दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट के कारण सुबह और रात के समय मौसम ठंडा महसूस होने लगा है।
हालांकि, प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने 7 से 9 अक्टूबर के बीच प्रदेश के 14 शहरों में बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में कुछ इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजस्थान में गर्मी बढ़ी, पिलानी में 41°C
राजस्थान में मानसून की विदाई के बाद अब गर्मी (MAUSAM) का असर बढ़ने लगा है। रविवार को पिलानी में अधिकतम तापमान 41°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में दिन के समय तेज गर्मी महसूस की गई।
जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बीकानेर और बाड़मेर में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3°C तक ज्यादा दर्ज हुआ। मानसून की विदाई के बाद आसमान साफ रहने और धूप तेज होने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। आने वाले दिनों में भी पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर बने रहने की संभावना है।
उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार
उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के भी आसार हैं।
6 और 7 अक्टूबर को कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पंजाब-चंडीगढ़ में 6 से 9 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
पंजाब और चंडीगढ़ में भी मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 6 से 9 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है।



