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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद विपक्ष ने बोला हमला

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की चुनाव और मताधिकार से जुड़ी टिप्पणी के बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

जयराम रमेश ने मांगा इस्तीफा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के प्रमुख के तौर पर ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली देश के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है।

जयराम रमेश ने दावा किया कि जस्टिस भुइयां की टिप्पणी से चुनाव प्रक्रिया और संविधान के तहत नागरिकों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया।

दिग्विजय सिंह ने भी साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नागरिकों का अधिकार है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस मुद्दे को उठाना जरूरी है।

दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन और विधायी अनुभव के दौरान उन्होंने नागरिकों के अधिकारों के खिलाफ ऐसी स्थिति पहले नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके बयान को अदालत की अवमानना माना जाता है तो वह जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।

सागरिका घोष ने भी चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी जस्टिस भुइयां की टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में नागरिक अपने मतदान के अधिकार से वंचित हो जाते हैं, तो ऐसी प्रक्रिया को मनमाना माना जा सकता है।

घोष ने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

जस्टिस भुइयां ने मताधिकार को लेकर क्या कहा

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा था कि किसी भी तरह की दलील देकर नागरिकों के मतदान के अधिकार को खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले मताधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मनमानी मानी जा सकती है।

जस्टिस भुइयां ने यह टिप्पणी हैदराबाद स्थित नालसार विधि विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में की थी। उनकी टिप्पणी सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपने हमले को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया है।

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Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

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