ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन का चौथा दिन, PM हाउस तक मार्च की तैयारी

दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्षी दलों का प्रदर्शन शुक्रवार, 9 अक्टूबर को चौथे दिन भी जारी है।
INDIA ब्लॉक के सांसद आज संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे। इसके बाद गृह मंत्री के आवास, प्रधानमंत्री आवास, सेवा तीर्थ या उपराष्ट्रपति आवास की ओर मार्च करने पर विचार किया जा सकता है।
विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए भी समय मांगा है। मुलाकात का समय नहीं मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति भवन तक प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई जा रही है।
लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और संभावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सरकारी आवास और चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है।
9 से 12 अक्टूबर के बीच राजधानी में करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा सकती है। पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील स्थानों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर रही है।
वहीं, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ अब तक चार एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट में इंडियन यूथ कांग्रेस की जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए मांगा समय
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहली बार 2 अक्टूबर को अनुरोध किया गया था।
विपक्षी नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते हैं। 10 अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों पर चर्चा जरूरी है।
इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक के सांसद लगातार विरोध कर रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष अलग है और SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना बताया जाता है।
ज्ञानेश कुमार के आवास और चुनाव आयोग कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई
विरोध प्रदर्शन के लगातार जारी रहने के बीच दिल्ली पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सरकारी आवास और चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।
पुलिस की चिंता यह है कि यदि विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री आवास, गृह मंत्री के आवास या अन्य संवेदनशील सरकारी परिसरों की ओर मार्च करते हैं, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 9 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में करीब 23 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जा सकती है। हालांकि, यह संख्या संभावित तैनाती के तौर पर बताई गई है।
ज्ञानेश कुमार को पहले से Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें दिल्ली पुलिस के 32 सुरक्षाकर्मियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की तैयारी की है। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को नियंत्रित करने, बैरिकेडिंग करने और भीड़ को संवेदनशील सरकारी परिसरों तक पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।
इससे पहले भी विपक्षी सांसदों के मार्च के दौरान पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग की थी और कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
राहुल-प्रियंका के खिलाफ चार FIR
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ अब तक चार एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मीडिया रिपोर्टों (SIR) के मुताबिक, इन मामलों में पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट, सरकारी कामकाज में बाधा डालने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं।
इससे पहले 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था।
इसके बाद कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर के पास पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को बाद में हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया।
दूसरी ओर, विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हैं। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
कनॉट प्लेस में कश्मीरी युवक पर हमले के मामले में FIR
प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में एक कश्मीरी युवक पर हमले का मामला भी सामने आया है।
पुलिस ने युवक की शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बताया गया है कि घटना गुरुवार को कांग्रेस के प्रदर्शन से कुछ समय पहले हुई थी।
फिलहाल इस मामले में आरोपियों की पहचान और घटना के कारणों को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। इस घटना को लेकर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें कौन लोग शामिल थे।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में याचिका
इंडियन यूथ कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई होने की संभावना है। प्रदर्शन की अनुमति मिलने या नहीं मिलने से आगे की रणनीति प्रभावित हो सकती है।
इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी खुदरा दुकानों को बंद रखने की जानकारी दी गई है। यह कदम एहतियाती व्यवस्था के तौर पर उठाया गया है।
फिलहाल विपक्षी दलों की बैठक और राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर आगे की रणनीति पर नजर है। यदि राष्ट्रपति से मुलाकात का समय नहीं मिलता है, तो विपक्षी नेता राष्ट्रपति भवन तक प्रदर्शन करने का विकल्प अपना सकते हैं।
वहीं, दिल्ली पुलिस संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी में जुटी है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष अपने आंदोलन को किस दिशा में आगे बढ़ाता है और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर राजनीतिक गतिरोध कम होता है या नहीं।



