अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ अब भी जारी है टकराव, ITBP चीफ के बयान पर कांग्रेस ने PM मोदी को घेरा

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव जारी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है और स्थिति अभी भी बनी हुई है। उन्होंने इन परिस्थितियों में ITBP के नवगठित शौर्य कमांडो की भूमिका की भी सराहना की।
कई मोर्चों पर आमने-सामने आए भारतीय और चीनी सैनिक
ITBP प्रमुख शत्रुजीत सिंह कपूर ने बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि ITBP ने अपनी परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए शौर्य कमांडो की नई टीम तैयार की है। इसके अलावा, सीमा पर ड्रोन के इस्तेमाल और सैनिकों को आधुनिक युद्ध परिस्थितियों के लिए प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चीन के साथ लगने वाली सीमा भारत के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण सीमाओं में से एक है। ऐसे में बदलती युद्ध परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा बलों की क्षमताओं को मजबूत करना आवश्यक है।
कांग्रेस ने PM मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
ITBP प्रमुख के बयान के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर जारी घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की ओर से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि चीन के साथ सीमा पर हो रहे टकराव, अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की कोशिशों और बड़े बांध के निर्माण जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।
## चीन के साथ व्यापार घाटे का भी उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेता ने भारत और चीन के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़ने से भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि देश की निर्भरता चीनी आयात पर बढ़ रही है।
जयराम रमेश ने गलवान घाटी में वर्ष 2020 में हुई झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि चीन के मामले में सरकार का रुख देश की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए चिंता का विषय है।
सीमा पर सतर्कता बढ़ाने की तैयारी
ITBP प्रमुख के मुताबिक, सीमा पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए बल की तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन प्लाटून, विशेष कमांडो और आधुनिक युद्ध प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत भी जारी है।
अरुणाचल प्रदेश में जारी टकराव की स्थिति के बीच सीमा सुरक्षा और दोनों देशों के संबंध एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।



