उपमुख्यमंत्री अरुण साव की सख्ती, दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त
सड़क-पुल निर्माण में देरी के कारण,8 ठेकेदारों को नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क और पुल निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण कार्यों में लगातार देरी और निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग ने दो ठेकेदारों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। वहीं कई अन्य ठेकेदारों(Contractors) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
हाल ही में बस्तर संभाग के दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई सड़कों और पुलों के कार्य तय लक्ष्य से पीछे पाए गए, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार एजेंसियों और ठेकेदारों(Contractors) के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
विभागीय समीक्षा के बाद कई परियोजनाओं में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर दो ठेकेदारों के पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिए गए हैं। इन ठेकेदारों(Contractors) के जिम्मे विभिन्न जिलों में पुल और पहुंच मार्ग निर्माण के कार्य थे, जिनकी प्रगति लगातार लक्ष्य से पीछे चल रही थी। विभाग का कहना है कि बार-बार निर्देश और नोटिस जारी करने के बावजूद कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इसके अलावा कई सड़क परियोजनाओं में देरी को लेकर आठ ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित निर्माण एजेंसियों से पूछा गया है कि तय समय और निर्माण कार्यक्रम के अनुरूप कार्य क्यों नहीं हो रहा है। कुछ मामलों में पहले से जारी नोटिसों के जवाब की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से प्रतिवेदन भी मांगा गया है।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क और पुल जैसी आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों बेहद महत्वपूर्ण हैं। निर्माण कार्यों में देरी का सीधा असर आम लोगों की आवाजाही और क्षेत्रीय विकास पर पड़ता है। इसलिए जिन परियोजनाओं में काम निर्धारित गति से नहीं चल रहा है, वहां नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में लापरवाही, देरी या अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में चल रही सड़क और पुल परियोजनाओं को समय पर पूरा कर बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

