ChhattisgarhBilaspur

बिलासपुर में 44.35 लाख की साइबर ठगी

डिमैट खाते से शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साइबर(Cyber) ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक परिवार के डिमैट खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदलकर करीब 44 लाख 35 हजार 855 रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड अपने नियंत्रण में ले लिए। मामले की शिकायत पर तारबाहर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तारबाहर थाना क्षेत्र के क्रांति नगर निवासी रत्नेश दुबे ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके माता-पिता के नाम से संचालित दो डिमैट खातों में बिना उनकी जानकारी और अनुमति के बदलाव किए गए। आरोप है कि साइबर(Cyber) ठगों ने पहले खातों से जुड़ा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी बदल दी। इसके बाद खातों पर नियंत्रण हासिल कर शेयर और म्यूचुअल फंड का ट्रांसफर कर दिया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, काफी समय तक उन्हें इस गड़बड़ी की जानकारी नहीं मिली। जब उन्होंने निवेश की स्थिति जानने के लिए संबंधित कंपनी से संपर्क किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। कंपनी की ओर से एक डिमैट खाते में शून्य बैलेंस होने की जानकारी दी गई, जबकि दूसरे खाते का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं कराया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 31 लाख 25 हजार रुपये मूल्य के शेयर और कुल 44 लाख 35 हजार 855 रुपये के शेयर व म्यूचुअल फंड एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज में ट्रांसफर किए गए। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया उनकी जानकारी और सहमति के बिना की गई।

मामले के सामने आने के बाद पीड़ित ने संबंधित कंपनी से भी पूरे घटनाक्रम की जांच करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि यह पता लगाया जाए कि मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी में बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किया गया और इसमें किसी कर्मचारी की भूमिका या लापरवाही तो नहीं रही।

इधर, तारबाहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर(Cyber) अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब डिमैट खाते में हुए बदलाव, शेयर और म्यूचुअल फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया तथा पूरे साइबर नेटवर्क की जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

क्या कहा पुलिस ने?

तारबाहर थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी कैसे बदली गई और शेयर ट्रांसफर की प्रक्रिया किन माध्यमों से पूरी की गई।

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