छत्तीसगढ़ में मौसम का बड़ा यू-टर्न: भीषण गर्मी के बीच आंधी-तूफान और झमाझम बारिश का अलर्ट, देश के 15 राज्यों में भी रेड अलर्ट
आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का खतरा: मौसम विभाग ने जारी की सख्त चेतावनी

लगातार कई दिनों से भीषण गर्मी और लू के थपेड़े झेल रहे छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश में मौसम ने अचानक अपना मिजाज बदल लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 मई को छत्तीसगढ़ समेत देश के 15 से ज्यादा राज्यों में तेज बारिश, धूलभरी आंधी और भयंकर तूफान का बड़ा अलर्ट जारी किया है।
गर्मी से राहत के साथ-साथ यह मौसमी बदलाव कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ पर मौसम का असर: 50-60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के आसपास बने मौसमी सिस्टम का सीधा असर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
बारिश और आंधी: मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बिजली गिरने का खतरा: तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है।
तापमान में गिरावट: इस बारिश से पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से फौरी राहत मिलेगी।
आखिर क्यों बदल रहा है मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बड़े बदलाव के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): उत्तरी तमिलनाडु तट के आसपास एक मजबूत चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
ट्रफ लाइन (Trough Line): उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। चूंकि यह ट्रफ लाइन और सिस्टम का प्रभाव क्षेत्र छत्तीसगढ़ से सटा हुआ है, इसलिए प्रदेश में बंगाल की खाड़ी से भारी नमी आ रही है, जो बारिश और तूफान का कारण बन रही है।
छत्तीसगढ़ के साथ इन 15 राज्यों में भी अलर्ट
छत्तीसगढ़ के अलावा पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में मौसम का यह रौद्र रूप देखने को मिलेगा। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम, तमिलनाडु और केरल में भी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में तो हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की खास एडवाइजरी (सावधानियां)
आंधी-तूफान के कारण पेड़ गिरने, बिजली सप्लाई ठप होने और यातायात बाधित होने की पूरी आशंका है। इसे देखते हुए खास हिदायतें दी गई हैं:
पेड़ों के नीचे न छिपें: बारिश और आंधी के दौरान आकाशीय बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा होता है, इसलिए पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
किसानों के लिए अलर्ट: खुले खेतों में काम करने वाले किसान मौसम खराब होते ही तुरंत सुरक्षित और पक्के स्थानों पर चले जाएं।
जरूरत पड़ने पर ही निकलें: सड़कों पर विजिबिलिटी कम हो सकती है और पेड़ गिरने का खतरा है, इसलिए जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें।

