PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में
रंधावा बोले- 'जब सांसदों का यह हाल है, तो छात्रों का सोचिए'

नई दिल्ली। छात्रों के मुद्दों और हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पीएम आवास के बाहर पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया।
रंधावा का सरकार पर बड़ा हमला
पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सांसदों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, तो देश के छात्रों और युवाओं की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
रंधावा ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और विरोध करने वालों के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
चन्नी बोले– छात्रों की आवाज दबाई जा रही
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। चन्नी के मुताबिक, छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
राहुल–प्रियंका ने किया मार्च, पुलिस ने रोका
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के विरोध में वे शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी और नेताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता वहीं धरने पर बैठ गए।
सरकार से उठीं ये मांगें
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से कई मांगें रखीं। इनमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, छात्रों पर हुए कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल रही।
राजनीतिक माहौल गरमाया
छात्रों के मुद्दे पर शुरू हुआ विरोध अब राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ कांग्रेस सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर सरकार की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि छात्रों के मुद्दे और कांग्रेस के आरोपों पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है।

