
इजरायल- लेबनान में जारी संघर्ष के बीच इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य हमले रोकने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज़ ने सेना को दक्षिणी लेबनान में हमले बंद करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला अमेरिका के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया।
कब्जे वाले इलाकों से सेना नहीं हटेगी
हालांकि इजरायल ने हमले रोकने की घोषणा की है, लेकिन उसने साफ कर दिया है कि कब्जे वाले क्षेत्रों से अपनी सेना वापस नहीं बुलाएगा। यही शर्त इस पूरे घटनाक्रम को अहम बनाती है, क्योंकि इन इलाकों में इजरायली सैन्य मौजूदगी को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है।
हिजबुल्लाह ने लगाए गंभीर आरोप
इधर हिजबुल्लाह ने इजरायल पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि इजरायल लगातार उस पर झूठे आरोप लगा रहा है और जनमत को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया कि इजरायली हमलों का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते को कमजोर करना है।
300 से ज्यादा उल्लंघनों का दावा
हिजबुल्लाह के अनुसार, शुक्रवार सुबह से इजरायल ने 300 से अधिक बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। संगठन ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं में हवाई हमले, फॉस्फोरस गोले और प्रतिबंधित क्लस्टर बमों का इस्तेमाल भी शामिल है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हजारों लोगों की मौत और घायल
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में 4,057 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,121 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय का कहना है कि सबसे ज्यादा नुकसान दक्षिणी लेबनान में हुआ है।
क्या आगे बढ़ेगी शांति प्रक्रिया?
विशेषज्ञों का मानना है कि हमले रोकने का फैसला तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। हालांकि कब्जे वाले इलाकों से सेना नहीं हटाने की इजरायल की शर्त के कारण क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म होता नहीं दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों पक्ष सीजफायर का पालन करते हैं या नहीं।

