बलौदाबाजार में 5 महीने में 8 मौतों का सनसनीखेज खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

बलौदा बाजार। बलौदाबाजार-भाटापारा (Balodabazar) जिले के खरवे गांव में पांच महीने के भीतर हुई आठ ग्रामीणों की रहस्यमयी मौतों के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर गांव के ही निवासी रामसाय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने अलग-अलग विवादों के चलते ग्रामीणों को सुहागा मिलाकर शराब पिलाई, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि मृतकों से उसका किसी न किसी बात को लेकर विवाद था। किसी से उधार और ब्याज का विवाद था, तो किसी से जमीन को लेकर अनबन थी। कुछ लोगों के ताने और व्यवहार से भी वह नाराज था। इसी रंजिश में उसने एक-एक कर सभी को निशाना बनाया।
खरवे गांव (Balodabazar) में पहली मौत 6 फरवरी को बद्री पटेल की हुई थी। इसके बाद 20 फरवरी को बूढ़ालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू, 31 मार्च को विनोद साहू, अप्रैल में गजानंद मांझी और चैतूराम साहू तथा 14 मई को महेत्तर साहू की मौत हो गई। लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत का माहौल बन गया था।
ग्रामीणों (Balodabazar) को तब शक हुआ जब सभी मृतकों की मौत से पहले आखिरी बार रामसाय जायसवाल के साथ मुलाकात होने की बात सामने आई। एक अन्य ग्रामीण भी गंभीर रूप से बीमार हुआ था, लेकिन उसकी जान बच गई। उसकी भी आरोपी से मुलाकात हुई थी। इसके बाद गांव में गड़े खजाने के लिए बलि दिए जाने जैसी अफवाहें फैलने लगीं।
ग्रामीणों के आक्रोश और कसडोल थाने के घेराव के बाद पुलिस हरकत में आई। 13 जून को महेत्तर साहू का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद अन्य शवों को भी निकालकर जांच के लिए भेजा गया। फिलहाल सभी मृतकों के बिसरा नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यह मामला प्रदेश के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल हो गया है।

