
रायपुर। जून का आखिरी सप्ताह छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों, कॉलेज छात्रों और सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरा रहने वाला है। राज्य सरकार ने 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसके चलते प्रदेशभर के स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय और बैंक बंद रहेंगे।
लगातार मिल रही छुट्टियों के कारण लोगों को परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। वहीं जिन लोगों को बैंक या सरकारी दफ्तर से जुड़े जरूरी काम निपटाने हैं, उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे अपने काम समय रहते पूरे कर लें।
26 जून को क्यों रहेगी छुट्टी?
राज्य में मुहर्रम पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ निजी और सरकारी स्कूल, कॉलेज तथा बैंक भी बंद रहेंगे। अवकाश को लेकर संबंधित विभागों द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मुहर्रम मुस्लिम समुदाय का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जिसे पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है।
बच्चों को मिलेगा लंबा ब्रेक
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा रहे हैं। ऐसे में जून के आखिरी सप्ताह में मिलने वाली छुट्टी छात्रों के लिए किसी राहत से कम नहीं है।
मुहर्रम की छुट्टी के साथ सप्ताहांत की छुट्टियां भी जुड़ रही हैं, जिससे कई परिवार छोटे ट्रिप या पारिवारिक कार्यक्रमों की योजना बना रहे हैं।
27 और 28 जून को भी बैंक रहेंगे बंद
26 जून की सार्वजनिक छुट्टी के बाद बैंक ग्राहकों को एक और बात का ध्यान रखना होगा। 27 जून को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार दूसरे और चौथे शनिवार को सभी सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होता।
इसके अगले दिन 28 जून को रविवार है। ऐसे में लगातार दो दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। यदि किसी को बैंक से जुड़ा जरूरी काम है तो उसे पहले ही पूरा कर लेना बेहतर होगा।
वक्फ बोर्ड के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक
इधर मुहर्रम से जुड़े एक मामले में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड को हाईकोर्ट से झटका लगा है। वक्फ बोर्ड ने 11 जून 2026 को मुहर्रम के कार्यक्रमों के दौरान डीजे, धुमाल और नाच-गाने पर रोक लगाने संबंधी निर्देश जारी किए थे। साथ ही आदेश के उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान भी रखा गया था।
हाईकोर्ट पहुंचा मामला
वक्फ बोर्ड के इस आदेश को सूफी इस्लामिक बोर्ड ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वक्फ बोर्ड को इस प्रकार के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ए.के. प्रसाद की बेंच ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के तर्कों को उचित माना और वक्फ बोर्ड द्वारा जारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल मुहर्रम के आयोजन को लेकर वक्फ बोर्ड का प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।

