वेनेजुएला में भूकंप और राजनीतिक संकट से तेल बाजार पर बढ़ी चिंता

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है. देश पहले से आर्थिक संकट और राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा था, लेकिन अब भीषण भूकंप ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है.
24 जून 2026 को वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए. इन झटकों से राजधानी कराकस समेत कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ. इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, सड़कें टूटीं और कई जरूरी सेवाएं प्रभावित हुईं.
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है. इसलिए आशंका जताई जा रही है कि अगर भूकंप से तेल रिफाइनरियों, पाइपलाइनों या बंदरगाहों को नुकसान पहुंचा है, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, तेल उत्पादन और निर्यात में रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. हालांकि फिलहाल बाजार तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुए वास्तविक नुकसान का इंतजार कर रहा है.
भारत भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. देश अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए वैश्विक तेल कीमतों में किसी भी बड़ी बढ़ोतरी का असर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर पड़ सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वेनेजुएला के ऊर्जा मंत्रालय और सैटेलाइट आंकड़ों से साफ होगा कि तेल क्षेत्र को कितना नुकसान हुआ है. इसके बाद ही वैश्विक बाजार पर वास्तविक प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकेगा.

