सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त पहल
‘गोल्डन ऑवर’ जागरूकता बढ़ाने संभाग स्तरीय प्रशिक्षण, कई विभाग हुए शामिल

बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार और शासन की राहत योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा मंथन सभा कक्ष में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परिवहन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों(Employees) ने भाग लेकर सड़क सुरक्षा और दुर्घटना प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने सड़क हादसे के बाद के शुरुआती समय यानी ‘गोल्डन ऑवर’ की महत्ता पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर घायल व्यक्ति को उचित चिकित्सा सहायता मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए मौके पर त्वरित प्रतिक्रिया और तत्काल अस्पताल पहुंचाना बेहद जरूरी है।
हादसे के बाद त्वरित उपचार से बच सकती है जान, विशेषज्ञों ने बताए उपाय
कार्यक्रम में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी सहायता और राहत योजनाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों(Employees) को प्रशिक्षित कर आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
ब्लैक स्पॉट से लेकर राहत योजना तक, सड़क सुरक्षा पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर स्थित ढाबों, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों की समीक्षा की गई। साथ ही दुर्घटनाओं की रोकथाम, सड़क सुरक्षा अभियान को अधिक प्रभावी बनाने और खराब सड़कों के सुधार को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान कर्मचारियों(Employees) ने सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने और आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

