
बिलासपुर-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों के नाम पर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक को थाने के मामले में फंसने का डर दिखाकर उसके परिवार से 1 लाख रुपये ठग लिए गए।
थाने के विवाद के बाद शुरू हुआ खेल
जानकारी के मुताबिक महासमुंद जिले के सरायपाली निवासी रूपेश पटेल किसी काम से बिलासपुर आया था। इसी दौरान उसका दो युवतियों के साथ विवाद हो गया, जिसके बाद मामला तारबाहर थाने पहुंच गया।
बताया जा रहा है कि थाने पहुंचने के बाद रूपेश घबरा गया था। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उसके परिवार से संपर्क किया।
“पैसा नहीं दिया तो कार्रवाई होगी”
परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहा कि मामला गंभीर है और पुलिस अधिकारियों को पैसा देकर ही इसे शांत कराया जा सकता है। उन्होंने परिवार को डराया कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
5 लाख मांगे, 1 लाख ट्रांसफर करवाए
आरोपियों ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग की। बेटे को बचाने की चिंता में परिवार ने एक आरोपी के बैंक खाते में 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
लेकिन पैसे मिलने के बाद भी कथित आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि बाकी 4 लाख रुपये के लिए लगातार दबाव बनाया जाता रहा और धमकियां भी दी गईं।
जांच में सामने आया नया नाम
पीड़ित ने जब रकम के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि यह राशि कथित रूप से एक अन्य व्यक्ति के खाते में भेजी गई थी। इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया और पुलिस ने जांच तेज कर दी।
एक आरोपी गिरफ्तार
तारबाहर पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी, धमकी और अवैध वसूली से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मामले में पुलिस अधिकारी या प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें। किसी भी तरह की संदिग्ध मांग होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
फिलहाल पुलिस बैंक खातों, कॉल डिटेल और मैसेज रिकॉर्ड की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

