छत्तीसगढ़ में पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा,
1 जुलाई से लागू हुई नई फीस, जानिए अब कितना देना होगा

रायपुर-अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत नई शुल्क दरें लागू कर दी हैं। नई व्यवस्था के बाद अलग-अलग श्रेणियों में पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 100 रुपये से लेकर 2,000 रुपये तक ज्यादा शुल्क देना होगा।
30 जून की रात 12 बजे तक किए गए सभी आवेदनों पर पुरानी फीस ही लागू रही, जबकि 1 जुलाई से किए गए सभी नए आवेदन नई दरों के अनुसार स्वीकार किए जाएंगे।
क्यों बढ़ाई गई पासपोर्ट की फीस?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक शुल्क बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह ई-पासपोर्ट (e-Passport) है। नए पासपोर्ट में इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी लागत पारंपरिक पासपोर्ट की तुलना में अधिक है।
हालांकि देश में वर्ष 2024 से ई-पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं, लेकिन अब इसकी अतिरिक्त लागत को ध्यान में रखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है।
ई-पासपोर्ट में क्या है खास?
नए ई-पासपोर्ट में एक इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोचिप लगी होती है। इसमें पासपोर्ट धारक का बायोमीट्रिक डेटा, डिजिटल हस्ताक्षर और अन्य जरूरी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहती है।
इस तकनीक से पासपोर्ट की नकल, छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की संभावना काफी कम हो जाती है। वहीं अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान हो जाती है।
1 जुलाई से लागू नई पासपोर्ट फीस
| पासपोर्ट श्रेणी | पुरानी फीस | नई फीस | बढ़ोतरी |
| सामान्य (36 पेज) | ₹1,500 | ₹2,500 | ₹1,000 |
| तत्काल (36 पेज) | ₹3,500 | ₹5,000 | ₹1,500 |
| सामान्य (60 पेज) | ₹2,000 | ₹3,500 | ₹1,500 |
| तत्काल (60 पेज) | ₹4,000 | ₹6,000 | ₹2,000 |
अन्य सेवाएं भी हुईं महंगी
पासपोर्ट के अलावा विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट से जुड़ी कई अन्य सेवाओं और पूरक दस्तावेजों के शुल्क में भी बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं।
14 साल बाद बढ़ी फीस
रायपुर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अनुसार, इससे पहले 2012 में पासपोर्ट शुल्क में संशोधन किया गया था। यानी करीब 14 साल बाद पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी की गई है।
2007 में रायपुर में खुला था क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय
छत्तीसगढ़ में 15 दिसंबर 2007 को रायपुर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की शुरुआत हुई थी। राज्य गठन के बाद यह कार्यालय भोपाल से रायपुर स्थानांतरित किया गया था। उस समय भोपाल में लंबित 373 पासपोर्ट आवेदनों को भी रायपुर भेजा गया था, जिनका सत्यापन कर आवेदकों को पासपोर्ट जारी किए गए थे।

