नेताओं के चुनावी वादे बारिश में निकले खोखले!
पहली बारिश में गलियां बनीं तालाब, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

बलौदाबाजार-बलौदाबाजार जिले के कोरदा अंचल में मानसून की पहली झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर खुशी जरूर ला दी, लेकिन गांव की बदहाल सड़कों और जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खोल दी। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों ने धान की बुवाई का काम तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर वार्ड क्रमांक 4 और 5 के लोगों को घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। पहली ही बारिश में गलियां तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
बारिश से किसानों को मिली राहत
जून महीने में कम बारिश होने से किसान परेशान थे। कई किसानों ने धान की बुवाई कर दी थी, लेकिन बारिश नहीं होने से फसल खराब होने की चिंता बढ़ गई थी। मंगलवार शाम करीब आधे घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है। अब किसान पूरे उत्साह के साथ धान की बुवाई और खेतों की तैयारी में जुट गए हैं।
वार्ड 4 और 5 में जलभराव से बढ़ी परेशानी
बारिश के बाद कोरदा के वार्ड क्रमांक 4 और 5 की गलियों में पानी भर गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। ग्रामीणों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश में यही हाल होता है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
सालों से कर रहे हैं सीसी रोड की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से पंचायत, जनपद पंचायत और जनप्रतिनिधियों से सीसी रोड बनवाने की मांग कर रहे हैं। कई बार आवेदन और शिकायतें देने के बावजूद अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि सड़क नहीं बनने की वजह से हर बारिश में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चुनावी वादों पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव के दौरान एक भाजपा नेता ने अपनी बेटी के समर्थन में प्रचार करते हुए इस गली में सीसी रोड बनवाने का वादा किया था। चुनाव खत्म होने के बाद आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। पहली ही बारिश में गलियों का तालाब में बदल जाना ग्रामीणों के मुताबिक चुनावी वादों की हकीकत को सामने लाता है।
पहली बारिश ने खोल दी विकास की पोल
एक ओर बारिश से किसानों को राहत मिली और खेती-किसानी की उम्मीदें बढ़ीं, तो दूसरी ओर गांव की बुनियादी सुविधाओं की कमी भी उजागर हो गई। सड़क और जल निकासी की समस्या से परेशान ग्रामीण अब जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर चुनाव में वादे किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही विकास के दावे पानी में बहते नजर आते हैं।

