नकटी की तोड़फोड़ को कांग्रेस ने बताया गैरकानूनी
बिना पुनर्वास व्यवस्था के बुलडोजर कार्रवाई का आरोप

रायपुर।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस(Congress) कमेटी ने नकटी गांव में हुई कथित तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रायपुर स्थित राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नकटी गांव में आवासों को हटाने की कार्रवाई अमानवीय, अनैतिक और गैरकानूनी है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बारिश के मौसम में विस्थापन कार्रवाई पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में विस्थापन संबंधी कार्रवाई करना स्थापित प्रशासनिक और मानवीय मानकों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि नकटी गांव में 29 जून को की गई कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय और वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले में कार्रवाई नहीं करती है, तो कांग्रेस न्यायालय का रुख भी कर सकती है।
दूरस्थ पुनर्वास और सुविधाओं की कमी पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
कांग्रेस(Congress) प्रदेश अध्यक्ष ने पुनर्वास व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित परिवारों को उनके मूल निवास स्थान से दूर बसाने की तैयारी की जा रही है और वहां बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े परिवारों को सीमित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनके समुचित पुनर्वास पर सवाल खड़े होते हैं।
पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस(Congress) ने पुनर्वास के लिए जारी किए गए आवंटन पत्रों और आवास की लागत को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। पार्टी का कहना है कि प्रभावित परिवारों को बिना किसी आर्थिक बोझ के पुनर्वास उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि पार्टी के कुछ विधायकों ने प्रस्तावित आवास स्वीकार करने से इनकार किया है। साथ ही, अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की अपील की गई। पार्टी ने सुझाव दिया कि सरकार नई राजधानी क्षेत्र में उपलब्ध भूमि पर वैकल्पिक आवासीय परियोजनाएं विकसित कर सकती है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, क्षतिग्रस्त आवासों के पुनर्निर्माण पर विचार किया जाए, मामले से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए।पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

