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राम मंदिर कथित चढ़ावा विवाद पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर हमला,

बोले- 'मास्टरमाइंड को बचाने के लिए बनाई गई SIT'

नई दिल्ली– दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के श्री राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर जनता को गुमराह किया जा रहा है, जबकि असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री की जवाबदेही पर उठाए सवाल

केजरीवाल ने कहा कि श्री राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की निगरानी में हुआ और ट्रस्ट के सदस्यों का चयन भी उच्च स्तर पर किया गया। ऐसे में यदि मंदिर में वित्तीय गड़बड़ी या चढ़ावे में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने सवाल किया कि यदि जांच एजेंसियों को पहले से किसी तरह की जानकारी थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

कमीशनखोरी और CCTV फुटेज हटाने का आरोप

आप प्रमुख ने दावा किया कि मंदिर निर्माण के दौरान ठेकेदारों से कथित रूप से कमीशन मांगने और सबूत मिटाने के लिए CCTV फुटेज तक हटाने जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं। उनके मुताबिक यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद बड़े अधिकारियों या जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

2021 के भूमि विवाद का भी किया जिक्र

केजरीवाल ने वर्ष 2021 में सामने आए राम मंदिर भूमि खरीद विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय भी जमीन खरीद में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे थे और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाई गई थी। हालांकि, उस जांच की रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले को भी धीरे-धीरे दबा दिया गया।

SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल

मौजूदा जांच पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ पुलिस ने अदालत से रिमांड तक नहीं मांगी। उनके अनुसार इससे यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां मामले की गहराई तक जाकर असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की गंभीर कोशिश नहीं कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT का गठन केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया गया है।

सरकार से पारदर्शी जांच की मांग

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से पूछा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करती है तो फिर इस मामले में प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाए।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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