पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सरकार का जवाब, बोले- भारत में पहले ही सीमित बढ़ोतरी हुई थी

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान भारत ने ईंधन की कीमतों में अन्य देशों की तुलना में बहुत कम बढ़ोतरी की थी। ऐसे में अब बड़ी कटौती की उम्मीद करना उचित नहीं है।
मंत्री ने कहा कि होर्मुज क्षेत्र में तनाव के दौरान दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में औसतन 35 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए गए। इसके विपरीत भारत में कीमतों में लगभग 5 प्रतिशत की ही वृद्धि की गई, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को सीधे घरेलू ईंधन कीमतों से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। उनका कहना था कि केवल कच्चे तेल के दाम कम होने से तुरंत पेट्रोल और डीजल सस्ते नहीं हो जाते, क्योंकि तेल की खरीद, परिवहन, रिफाइनिंग और वितरण जैसी प्रक्रियाओं में समय लगता है।
हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी का लाभ भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कुछ समय लगता है। यदि अगले दो से तीन महीनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर और निम्न स्तर पर बनी रहती हैं, तो भविष्य में ईंधन की कीमतों में राहत देने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

