ChhattisgarhRaipur

रायपुर में रेत माफियाओं की दबंगई!

सरकारी सील तोड़कर ले गए जब्त मशीन, अवैध खनन पर फिर उठे सवाल

रायपुर-छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे आरंग विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हरदीडीह में अवैध रेत उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है। महानदी रेत खदान में कथित रेत माफियाओं ने प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए सरकारी सील तोड़कर जब्त की गई मशीन को मौके से हटा लिया। इस घटना ने खनिज विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि सेंट्रल माइनिंग टीम ने अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेड मशीनों को जब्त कर सरकारी सील लगा दी थी। लेकिन कुछ ही समय बाद आरोप है कि इनमें से एक मशीन को सील तोड़कर वहां से ले जाया गया।

शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और राज्य शासन के निर्देशों के तहत फिलहाल प्रदेश की रेत खदानें बंद हैं। इसके बावजूद आरंग क्षेत्र के हरदीडीह गांव में महानदी से लगातार अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें सामने आ रही थीं।

स्थानीय ग्रामीणों ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद सेंट्रल माइनिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही तीन चैन माउंटेड मशीनों को जब्त कर सील कर दिया।

सरकारी सील तोड़कर मशीन ले जाने का आरोप

कार्रवाई के कुछ समय बाद ही कथित रेत माफियाओं ने सरकारी सील तोड़कर जब्त मशीनों में से एक मशीन को मौके से हटा लिया। इस घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी एजेंसियों द्वारा जब्त और सील की गई मशीनें भी सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं, तो अवैध रेत खनन पर प्रभावी नियंत्रण कैसे संभव होगा। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध उत्खनन जारी है, लेकिन कार्रवाई के बावजूद इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब्त मशीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में सरकारी सील टूटना और मशीन का गायब हो जाना गंभीर मामला है।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध खनन करने वालों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं।

उच्चस्तरीय जांच और एफआईआर की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी सील तोड़कर मशीन ले जाने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाए।

साथ ही यह भी मांग की गई है कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।

अवैध रेत खनन पर फिर गरमाई बहस

हरदीडीह की यह घटना एक बार फिर प्रदेश में अवैध रेत खनन और उस पर प्रशासनिक नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ रही है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह सवाल उठ रहा है कि प्रतिबंध और कार्रवाई के बावजूद अवैध उत्खनन आखिर कैसे जारी है।

अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि मामले में निष्पक्ष जांच होती है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है, तो इससे अवैध खनन पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

 

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