पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर जताया शोक

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई का निधन कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोककला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला और संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तीजन बाई के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “लोक कलाओं के क्षेत्र में अपनी गायकी से अमिट छाप छोड़ने वाली लोकप्रिय पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन से मुझे गहरी वेदना हुई है। छत्तीसगढ़ की कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका जाना कला और संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।”
बता दें कि तीजन बाई पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं। उन्होंने 70 वर्ष की आयु में रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। उनका जन्म वर्ष 1956 में छत्तीसगढ़ के भिलाई के निकट स्थित गनियारी गांव में हुआ था। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाई। पंडवानी एक लोकनाट्य शैली है, जिसमें महाभारत की कथाओं को गायन, वाचन और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
भारतीय लोककला में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1988 में पद्मश्री, 2003 में पद्म भूषण और 2019 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। इसके अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया।

