ChhattisgarhRaipur

रायपुर में रागी योजना पर सवाल,

रिपोर्ट में 186 किसानों को लाभ... लेकिन कई बोले- बीज मिला ही नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ की रागी फसल प्रदर्शन योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रायपुर जिले के गोबरा-नवापारा क्षेत्र में कृषि विभाग ने दावा किया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 186 किसानों को रागी का बीज दिया गया और 157.8 हेक्टेयर में खेती कराई गई। लेकिन जब सूची में शामिल किसानों से बात की गई तो कई किसानों ने साफ कहा कि उन्हें न तो बीज मिला और न ही उन्होंने रागी की खेती की। अब विभाग की रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं।

किसानों ने खोली विभाग के दावों की पोल

लाभार्थी सूची में शामिल कई किसानों का कहना है कि उन्हें रागी का बीज कभी मिला ही नहीं। कुछ किसानों ने बताया कि विभाग ने उनसे संपर्क जरूर किया था, लेकिन उनकी जमीन रागी की खेती के लिए उपयुक्त नहीं थी, इसलिए उन्होंने योजना में हिस्सा नहीं लिया। इसके बावजूद उनका नाम लाभार्थियों की सूची में दर्ज कर दिया गया।

186 किसानों को लाभ मिलने का दावा

कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक धरसींवा, आरंग, तिल्दा और अभनपुर विकासखंड के 186 किसानों का चयन किया गया था। विभाग का दावा है कि किसानों ने 0.20 हेक्टेयर से लेकर 2 हेक्टेयर तक रागी की खेती की और उन्हें मुफ्त बीज का लाभ दिया गया।

किसानों के बयान से बढ़ा विवाद

तिल्दा क्षेत्र के एक किसान ने बताया कि उन्होंने पिछले साल सिर्फ धान की खेती की थी और उन्हें रागी का बीज नहीं मिला। वहीं दूसरे किसान ने कहा कि उनके गांव में रागी की खेती होती ही नहीं है। उन्होंने विभाग का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था, लेकिन फिर भी उनका नाम रिपोर्ट में शामिल कर लिया गया।

विभाग ने गड़बड़ी से किया इनकार

कृषि विभाग का कहना है कि किसानों का चयन, बीज वितरण और फसल प्रदर्शन की पूरी प्रक्रिया ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से की गई है। विभाग का दावा है कि अब तक इस मामले में किसी तरह की आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।

जांच की उठी मांग

मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सदस्य स्वाति वर्मा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर योजना में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे।

गौरतलब है कि हाल ही में दिशा समिति की बैठक में कृषि विभाग ने अपनी प्रगति रिपोर्ट में 186 किसानों को रागी बीज वितरण और 157.8 हेक्टेयर में फसल प्रदर्शन का दावा किया था। अब किसानों के बयानों के बाद इसी रिपोर्ट की सच्चाई पर सवाल उठने लगे हैं।

 

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