राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत पर संकट, मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में रद्द करने की उठाई मांग

राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर संकट गहराता नजर आ रहा है। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने की मांग की है। इस मामले पर शीर्ष अदालत 14 जुलाई को सुनवाई करेगी।
सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में दावा किया है कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उनका कहना है कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने अदालत से कहा कि जमानत रद्द करने का कोई कानूनी आधार मौजूद नहीं है और वह लगातार ट्रायल में सहयोग कर रही हैं।
हलफनामे में सोनम ने कहा कि मामले की चार्जशीट में 90 गवाहों के नाम शामिल हैं, लेकिन अब तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि 86 गवाहों की गवाही अभी बाकी है। उनका कहना है कि ट्रायल में देरी के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं और मौजूदा गति से सुनवाई पूरी होने में लंबा समय लग सकता है।
सोनम ने अदालत को यह भी बताया कि उन्हें 27 अप्रैल 2026 को जमानत मिली थी और 28 अप्रैल को जेल से रिहा किया गया था। तब से वह शिलांग में रह रही हैं और ट्रायल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं गई हैं। उन्होंने दोबारा जेल भेजे जाने का विरोध करते हुए कहा कि जमानत निरस्त करने के लिए आवश्यक कानूनी आधार इस मामले में मौजूद नहीं हैं।
दूसरी ओर, मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने सभी पक्षों को लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत सुनवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर इसे बड़ी पीठ को भेजने पर भी विचार किया जा सकता है।

