National

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार पर कांग्रेस में घमासान, आखिरी वक्त के बदलाव से बढ़ी नाराजगी

बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के कैबिनेट विस्तार (Congress) के बाद पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है।

आखिरी समय में मंत्रियों की सूची में किए गए बदलाव, कुछ नेताओं को जगह नहीं मिलने और विरोध प्रदर्शनों के कारण कैबिनेट विस्तार विवादों में घिर गया है।

करीब दो महीने तक चली चर्चाओं के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने 20 मंत्रियों की सूची जारी की, लेकिन ऐलान के कुछ ही समय बाद इसमें बदलाव होने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई।

इस तरह बढ़ा विवाद

पहली सूची में मंकल वैद्य का नाम शामिल था, लेकिन बाद में संशोधित सूची (Congress) जारी कर उनकी जगह वरिष्ठ नेता एसएस मल्लिकार्जुन को शामिल कर लिया गया।

इसके अलावा सूची में शामिल एकमात्र महिला मंत्री गायत्री शांथेगौड़ा ने भी शपथ नहीं ली। सूत्रों के अनुसार उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक सूचना नहीं मिली थी, जिसके चलते अब उनके स्थान पर किसी अन्य नाम पर विचार किए जाने की चर्चा है।

कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से नाराजगी

कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से कई नेताओं की नाराजगी सामने आई। विधायक यशवंत रायगौड़ा पाटिल ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा सौंप दिया, जबकि बेलूर गोपालकृष्ण के भी ऐसा कदम उठाने की अटकलें हैं।

वहीं विधायक प्रिया कृष्णा और तनवीर सैत के समर्थकों ने भी विरोध प्रदर्शन किया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने सोशल मीडिया पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों तक पार्टी और राज्य की सेवा करने के बावजूद उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया।

उनकी पत्नी तब्बू राव ने भी फैसले की आलोचना करते हुए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

लगातार हो रहा विरोध

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Congress) भी अंतिम सूची में शामिल कुछ नामों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे।

लगातार हो रहे विरोध, इस्तीफे और असंतोष ने संकेत दिए हैं कि कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट विस्तार के बाद राजनीतिक खींचतान अभी थमने वाली नहीं है।

Follow Us on Our Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button