स्कैम विज्ञापनों से हर साल अरबों डॉलर कमा रहा मेटा! रिपोर्ट में बड़ा दावा, यूजर शिकायतों को भी किया नजरअंदाज

दिल्ली। सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) एक बार फिर विवादों में है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर चलने वाले स्कैम और फर्जी विज्ञापनों के जरिए हर साल अरबों डॉलर की कमाई कर रही है।
वहीं, मेटा ने सरकार के सामने यह भी स्वीकार किया है कि उसे कुछ खास तरह के कंटेंट को बूस्ट करने के लिए भुगतान मिला था। रिपोर्ट सामने आने के बाद कंपनी की विज्ञापन नीतियों और कंटेंट मॉडरेशन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा (Meta) के आंतरिक दस्तावेजों में अनुमान लगाया गया था कि कंपनी की कुल वार्षिक आय का करीब 10% हिस्सा स्कैम और प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़े विज्ञापनों से आता है।
एक दस्तावेज में यह भी दावा किया गया कि कंपनी को ऐसे विज्ञापनों से हर साल करीब 7 अरब डॉलर की कमाई होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रतिदिन करीब 15 अरब हाई-रिस्क स्कैम विज्ञापन यूजर्स को दिखाए जाते थे।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेटा के कंटेंट फिल्टर में गंभीर खामियां थीं। कंपनी किसी विज्ञापनदाता पर तभी कार्रवाई करती थी, जब उसके ऑटोमेटेड सिस्टम को 95 प्रतिशत से अधिक यकीन हो जाता था कि विज्ञापन धोखाधड़ी वाला है। इसके कारण बड़ी संख्या में संदिग्ध विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर चलते रहे।
96 प्रतिशत शिकायतें नजरअंदाज
रॉयटर्स के हवाले से यह भी दावा किया गया कि वर्ष 2023 में फेसबुक और इंस्टाग्राम यूजर्स हर सप्ताह करीब एक लाख सही स्कैम रिपोर्ट दर्ज कराते थे, लेकिन कंपनी ने इनमें से लगभग 96 प्रतिशत शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया या खारिज कर दिया।
हालांकि, मेटा (Meta) ने इन दावों का खंडन किया है। कंपनी के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा कि रिपोर्ट एकतरफा है और मेटा धोखाधड़ी व स्कैम के खिलाफ लगातार निवेश और कार्रवाई कर रहा है। उनका कहना है कि कंपनी नहीं चाहती कि उसके प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन या कंटेंट मौजूद रहें और यूजर्स की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।

