बंदूक छोड़ने वालों को सरकार का बड़ा तोहफा: 66 आत्मसमर्पित माओवादियों के लिए 6.60 करोड़ मंजूर, 3 साल तक मिलेगा मानदेय

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी हिंसा (Naxalite) छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले 66 आत्मसमर्पित इनामी माओवादियों के पुनर्वास के लिए बड़ा फैसला लिया है।
राज्य सरकार ने पुनर्वास नीति-2025 के तहत 66 पात्र आत्मसमर्पित माओवादियों को 6 करोड़ 60 लाख रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने की मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
आर्थिक सहायता देगी सरकार
सरकार के अनुसार, पांच लाख रुपये या उससे अधिक के इनामी माओवादियों (Naxalite) के आत्मसमर्पण पर विशेष आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। जिन आत्मसमर्पित माओवादियों को शासकीय सेवा नहीं दी जाती, उन्हें इसके बदले एकमुश्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को तत्काल आर्थिक सहायता के अलावा 36 महीने तक हर माह 10 हजार रुपये मानदेय भी दिया जाएगा। इसके साथ ही बड़े हथियार, विस्फोटक या महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन और इनाम राशि का भी प्रावधान रखा गया है।
इन लोगों को मिली इतनी राशि
सरकार द्वारा जारी सूची में बीजापुर जिले के लच्छू फरसा को 5 लाख रुपये, मिटकी ककेम उर्फ सरिता को 8 लाख रुपये, सीनू पदम उर्फ चिन्ना को 8 लाख रुपये, सुशीला हेमला उर्फ बुज्जी उर्फ विमला हेमला को 5 लाख रुपये और लक्ष्मी माड़वी उर्फ खुटो को 8 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
अन्य पात्र आत्मसमर्पित माओवादियों (Naxalite) को भी उनकी पात्रता के अनुसार राशि दी जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि पुनर्वास नीति से अधिक से अधिक माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। सरकार इसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने और विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।

