नकली पनीर के बाद भी नहीं चेता रेलवे, रायपुर स्टेशन पर बिना जांच गुजर रहा लगेज,
बढ़ा तस्करी का खतरा

रायपुर-छत्तीसगढ़ की राजधानी के रायपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा जांच व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। हाल ही में स्टेशन पर भारी मात्रा में अवैध और नकली पनीर पकड़े जाने के बावजूद बिना बुक किए लगेज की प्रभावी और सख्त जांच नहीं हो रही है। हालांकि रेलवे द्वारा अतिरिक्त और ज्यादा लगेज लेकर जाने पर बुकिंग का नया नियम बनाया गया है, जो जल्द लागू होने वाला है, लेकिन वर्तमान हालात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
स्कैनर मशीनें बनीं महज दिखावा, तस्करों और अवैध सामान की मौज
वर्तमान में रायपुर रेलवे स्टेशन पर बिना बुक किए गए सामान की जांच के लिए कोई ठोस व्यवस्था मौजूद नहीं है। सूटकेस, बड़े बैग और पिट्ठू बैग लेकर यात्री बिना किसी रोक-टोक के बेधड़क ट्रेनों में सफर कर रहे हैं। कई यात्री स्कैनर मशीनों के सामने से बिना किसी जांच के ही सीधे निकल जाते हैं।
हालिया घटनाएं और तस्करों के हौसले
स्टेशन की सुरक्षा में सेंध का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में 3 अगस्त और 5 अगस्त को रायपुर रेलवे स्टेशन पर 1500 किलो नकली पनीर अवैध रूप से ट्रेनों के जरिए भेजते हुए पकड़ा गया था। एक तरफ जहां ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत रायपुर रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण और विकास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लगातार अवैध और नशीले सामान की आवाजाही से स्टेशन की छवि पर गहरा दाग लग रहा है।
तीन माह में 150 यात्री पकड़ाए, रेलवे को हो रहा भारी राजस्व नुकसान
रेलवे की ओर से चलाए गए विशेष टिकट और लगेज चेकिंग अभियान के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
पिछले महज तीन महीनों के भीतर बिना बुक किए लगेज और अधिक वजन का सामान लेकर सफर कर रहे 150 यात्रियों को पकड़ा गया है।
इन यात्रियों से नियमों के उल्लंघन पर करीब 20 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है।
ज्यादातर लोग व्यावसायिक उपयोग या बेचने के लिए लाए जाने वाले सामान को ट्रेनों के गेट के पास रखकर एक से दूसरे स्टेशन तक ले जाते हैं, जिससे रेलवे को भारी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नियमों की अनदेखी और बढ़ती चिंताएं
रेलवे के स्पष्ट नियमों के मुताबिक, यात्रा के दौरान श्रेणी के आधार पर 35 से 70 किलो तक का सामान यात्री मुफ्त ले जा सकते हैं। इससे अधिक वजन होने पर लगेज की बुकिंग कराना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद अधिकांश यात्री बिना बुकिंग के अतिरिक्त सामान ले जा रहे हैं। इससे न केवल रेलवे को वित्तीय नुकसान हो रहा है, बल्कि ट्रेन यात्रा के दौरान सुरक्षा और अवैध सामान की तस्करी का बड़ा खतरा भी लगातार बना हुआ है।



