गौरेला में अधूरा पुल बना मुसीबत, लकड़ी-लोहे की पटरी से नाला पार कर रहे ग्रामीण

बच्चों की जान पर खतरा, एंबुलेंस की पहुंच भी मुश्किल; छह महीने से पुल निर्माण अधूरा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला ब्लॉक की धनौली ग्राम पंचायत के बैगापारा में अधूरा पुल ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। करीब छह महीने पहले पुल निर्माण के लिए पुरानी सड़क को तोड़ दिया गया था, लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते ग्रामीणों को नाले के ऊपर बनाई गई अस्थाई व्यवस्था से आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने लकड़ी और लोहे की पटरियों की मदद से नाले के ऊपर एक संकरा और अस्थिर रास्ता बनाया है। इसी रास्ते से प्राथमिक स्कूल जाने वाले बच्चे और अन्य ग्रामीण रोजाना आवाजाही कर रहे हैं। बारिश के दौरान नाले में पानी का बहाव तेज होने से यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है।
स्कूली बच्चों के लिए बढ़ा खतरा
अस्थाई पुल संकरा और हिलने-डुलने वाला है। रोजाना बच्चे इसी रास्ते से स्कूल जाते हैं। नाले में पानी बढ़ने के दौरान संतुलन बिगड़ने पर गंभीर हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण जल्द पूरा नहीं हुआ तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
वाहनों और एंबुलेंस की आवाजाही बंद
पुल का निर्माण अधूरा होने के कारण इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित है। बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिला और बुजुर्गों को इलाज के लिए बाहर ले जाने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल निर्माण का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। साथ ही स्थायी पुल तैयार होने तक नाले को पार करने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बारिश के मौसम में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।



