Follow Us on Our Social Media
ChhattisgarhRaipur

रेत खदानों की नीलामी के बाद भी काम बंद, 8 महीने से NOC का इंतजार

अब आरंग-अभनपुर में 6 नई खदानें

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रेत खदानों को लेकर विभागीय प्रक्रिया एक बार फिर चर्चा में है। एक तरफ नवंबर 2025 में नीलाम की गई करीब 6 रेत खदानें अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं, वहीं दूसरी तरफ खनिज विभाग ने आरंग और अभनपुर क्षेत्र में 6 नई रेत खदानों के लिए जगह तलाशना शुरू कर दिया है।

पुरानी खदानों की नीलामी हुए करीब 8 महीने बीत चुके हैं। रिवर्स ऑक्शन के जरिए ठेकेदार भी तय हो गए थे, लेकिन पर्यावरण विभाग से NOC नहीं मिलने के कारण इन खदानों से रेत का उत्खनन शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में अब विभाग नई खदानों की तलाश और उनकी नीलामी की तैयारी में जुट गया है।

नीलामी हुई, ठेकेदार भी तय..फिर भी खदानें बंद

नवंबर 2025 में रायपुर जिले की गौरघाट, कागदेही, कुरुद, पारागांव समेत करीब 6 रेत खदानों की नीलामी की गई थी। नीलामी प्रक्रिया रिवर्स ऑक्शन के जरिए हुई और ठेकेदार भी तय कर दिए गए।

इसके बाद उम्मीद थी कि जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन खदानों से रेत निकालने का काम शुरू हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पर्यावरण विभाग की NOC नहीं मिलने के कारण उत्खनन अटका हुआ है। नियमों के मुताबिक पर्यावरणीय अनुमति के बिना नदी से रेत निकालना संभव नहीं है। यही वजह है कि नीलामी पूरी होने के बावजूद खदानें अभी तक बंद हैं।

अब सवाल यही है कि अगर नीलामी के बाद भी 8 महीने तक काम शुरू नहीं हो सका, तो इसकी प्रक्रिया में देरी क्यों हुई?

आरंग-अभनपुर में अब 6 नई खदानों की तलाश

पुरानी खदानों की प्रक्रिया अटकी होने के बीच खनिज विभाग ने अब आरंग और अभनपुर क्षेत्र में नई संभावनाएं तलाशना शुरू कर दिया है।

विभाग की टीम ऐसे स्थानों का सर्वे कर रही है, जहां रेत उत्खनन किया जा सके और इससे आसपास के गांवों, पर्यावरण या विकास कार्यों पर ज्यादा असर न पड़े।

इसके लिए पटवारी, तहसीलदार और खनिज विभाग के निरीक्षक मौके पर जाकर संभावित जगहों का निरीक्षण कर रहे हैं। जमीन और नदी क्षेत्र से जुड़ी जानकारी जुटाने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

रिपोर्ट के बाद ऑनलाइन टेंडर

नई खदानों के लिए जगह तय होने के बाद अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद इन खदानों का ऑनलाइन टेंडर जारी किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि नई खदानों की नीलामी भी रिवर्स ऑक्शन के जरिए की जाएगी। यानी इच्छुक ठेकेदार ऑनलाइन प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे और नियमों के तहत खदान का आवंटन किया जाएगा।

हालांकि, सिर्फ टेंडर और नीलामी पूरी होने से तुरंत रेत का उत्खनन शुरू नहीं हो सकेगा। इसके लिए पर्यावरणीय और दूसरी जरूरी अनुमतियां भी लेनी होंगी।

10 अक्टूबर तक खनन पर रोक

नई खदानों की प्रक्रिया के बीच एक और महत्वपूर्ण बात है। NGT के आदेश के तहत 10 जून से 10 अक्टूबर तक रेत खदानों में उत्खनन पर रोक रहती है।

ऐसे में अगर नई खदानों की प्रक्रिया जल्द पूरी भी हो जाती है, तो भी निर्धारित अवधि के कारण तत्काल रेत निकालना संभव नहीं होगा।

यानी नई खदानों की तैयारी अभी से शुरू जरूर हो गई है, लेकिन इनके संचालन के लिए नियमों के मुताबिक आगे की प्रक्रिया और निर्धारित समय का इंतजार करना होगा।

अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें भी चुनौती

दूसरी तरफ जिले में वैध रेत खदानों के बंद होने के बीच अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

नदी से लगे कुछ इलाकों में रात के समय भी अवैध तरीके से रेत निकाले जाने की शिकायतें मिलती हैं। इससे सरकार को रॉयल्टी के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान होता है। साथ ही नदी और उसके आसपास के पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ सकता है।

खनिज विभाग का मानना है कि अगर जिले में पर्याप्त संख्या में वैध रेत खदानें उपलब्ध रहेंगी, तो अवैध उत्खनन पर नियंत्रण लगाने में मदद मिल सकती है।

पुरानी खदानों की NOC अटकी, नई खदानों की तैयारी शुरू

पूरे मामले की तस्वीर देखें तो स्थिति थोड़ी उलझी हुई नजर आती है।

पुरानी 6 खदानों की नीलामी हो चुकी है, ठेकेदार तय हैं, लेकिन 8 महीने बाद भी NOC का इंतजार है।

और अब विभाग आरंग-अभनपुर में 6 नई खदानों के लिए सर्वे कर रहा है।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि नई खदानों की प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होगी और क्या इस बार जरूरी अनुमतियां समय पर मिल पाएंगी?

क्योंकि रेत की उपलब्धता सीधे तौर पर निर्माण कार्यों से भी जुड़ी है। सड़क, मकान और दूसरे निर्माण कार्यों में रेत की जरूरत होती है। अगर वैध खदानों से सप्लाई कम होती है, तो बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है।

खनिज विभाग ने क्या कहा?

खनिज विभाग रायपुर के उप संचालक राजेश मालवे के मुताबिक, आरंग और अभनपुर क्षेत्र में नई रेत खदानों के लिए जगह देखी जा रही है। अधिकारियों की रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इसके बाद ऑनलाइन टेंडर जारी किया जाएगा।

फिलहाल विभाग नई खदानों की तलाश में जुटा है, जबकि पुरानी खदानों की NOC का इंतजार जारी है।

अब देखना होगा कि आरंग-अभनपुर की 6 नई खदानों की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और पुरानी खदानों को पर्यावरणीय अनुमति कब तक मिलती है।

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button