राजस्थान से चंबल होकर यूपी पहुंचेगी 800 KV की ट्रांसमिशन लाइन, अदाणी ग्रुप का बड़ा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट

भोपाल। राजस्थान में तैयार हो रही 20 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने के लिए 800 केवी की हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन बनाई जाएगी। करीब 950 किलोमीटर लंबी यह लाइन राजस्थान के भड़ला से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर तक जाएगी। परियोजना का निर्माण अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (Adani Group.) कर रहा है। यह ट्रांसमिशन लाइन मध्यप्रदेश के हिस्से में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य और उसके ईको-सेंसेटिव जोन से होकर गुजरेगी।
परियोजना के लिए मध्यप्रदेश सरकार अदाणी कंपनी को 25.5949 हेक्टेयर जमीन उपयोग के लिए देगी। इसके बदले वन्यजीव संरक्षण से जुड़े शमन उपायों के लिए करीब 91 लाख रुपए मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन सोसायटी को दिए जाएंगे। राज्य वन्यप्राणी बोर्ड इस प्रस्ताव की अनुशंसा कर चुका है। अब राष्ट्रीय वन्यप्राणी बोर्ड से अनुमति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
6 हजार मेगावाट हरित बिजली का होगा ट्रांसमिशन
800 केवी एचवीडीसी लाइन के जरिए करीब 6,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा को लंबी दूरी (Adani Group.) तक पहुंचाया जाएगा। इसमें हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे लंबी दूरी पर बिजली पहुंचाने के दौरान ट्रांसमिशन लॉस को कम करने में मदद मिलेगी। यह राजस्थान के प्रमुख सौर और पवन ऊर्जा केंद्रों से पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को औद्योगिक और परिवहन केंद्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
चंबल अभयारण्य में विशेष सावधानी
चंबल राष्ट्रीय अभयारण्य घड़ियाल, मगरमच्छ और गंगा डॉल्फिन जैसी दुर्लभ प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में परियोजना (Adani Group.) के निर्माण के दौरान वन्यजीव और जलीय जीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। अभयारण्य क्षेत्र में रात के समय काम नहीं किया जाएगा। टावरों की ऊंचाई और आधुनिक कंडक्टर तकनीक का उपयोग कर पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
परियोजना के 2029 तक चालू होने की उम्मीद है। इसके पूरा होने से राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने और देश में हरित बिजली की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।



