BRICS सम्मेलन से पहले शी जिनपिंग के भारत दौरे पर सस्पेंस, चीन ने साधी चुप्पी

भारत में होने वाले BRICS सम्मेलन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली पहुंचने को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। चीन ने अब तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि शी जिनपिंग सम्मेलन में शामिल होंगे या नहीं। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है।
12-13 सितंबर को होगा BRICS सम्मेलन
BRICS सम्मेलन का आयोजन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में किया जाएगा। इससे पहले 11 सितंबर से BRICS बिजनेस फोरम और महिला बिजनेस अलायंस की बैठकें शुरू होंगी। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है।
चीन ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए भारत को समर्थन देने की बात कही है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से जब पूछा गया कि सम्मेलन में चीन की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा, तो उन्होंने कहा कि चीन BRICS सहयोग को काफी महत्व देता है। हालांकि, उन्होंने शी जिनपिंग या चीनी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
2025 में मोदी ने दिया था जिनपिंग को न्योता
अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान भारत की ओर से शी जिनपिंग को 2026 के BRICS सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिनपिंग ने निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया था और भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन किया था।
हालांकि, निमंत्रण स्वीकार करना सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता। सितंबर की शुरुआत तक चीन ने जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी। कुछ रिपोर्टों में उनके आने की संभावना जताई गई थी और चीनी अधिकारियों द्वारा बड़े प्रतिनिधिमंडल की तैयारियों की बात कही गई थी।
भारत-चीन संबंधों के लिए अहम हो सकती है यात्रा
मोदी और शी जिनपिंग की पिछली आमने-सामने मुलाकात अगस्त 2025 में चीन के तियानजिन में SCO सम्मेलन के दौरान हुई थी। इससे पहले दोनों नेता अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में BRICS सम्मेलन के दौरान मिले थे।
अगर शी जिनपिंग नई दिल्ली पहुंचते हैं तो BRICS सम्मेलन के साथ भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जाएगी। सीमा विवाद के बाद दोनों देश संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शी जिनपिंग BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे।



