गणेश चतुर्थी पर मूर्ति खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान, सूंड से लेकर रंग तक का है खास महत्व

गणेश चतुर्थी इस साल 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इस पर्व पर लोग घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता के अनुसार गणेश जी की मूर्ति खरीदने और स्थापित करने से जुड़े कुछ नियमों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। अगर आप भी इस बार घर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं, तो मूर्ति खरीदते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें।
बाईं ओर सूंड वाली मूर्ति को माना जाता है शुभ
मान्यताओं के अनुसार घर में भगवान गणेश की ऐसी प्रतिमा लानी चाहिए, जिसकी सूंड बाईं ओर यानी वाममुखी हो। इसे सुख, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। दाईं ओर सूंड वाली प्रतिमा की पूजा के नियम अधिक कठिन माने जाते हैं। घर के लिए बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा को शुभ माना जाता है, जबकि खड़ी हुई प्रतिमा को घर में स्थापित करने से बचने की सलाह दी जाती है।
प्रतिमा का रंग भी महत्वपूर्ण माना जाता है। केसरिया, सफेद और पीले रंग की मूर्तियां शुभ मानी जाती हैं। काले रंग की प्रतिमा घर में स्थापित करने से बचने की मान्यता है। गणेश जी की प्रतिमा के साथ उनका वाहन मूषक भी होना चाहिए। प्रतिमा में भगवान गणेश का दाहिना दांत पूरा और बायां दांत थोड़ा टूटा हुआ होना शुभ माना जाता है। उनके चार हाथ होने चाहिए।
मूर्ति के आकार और सामग्री का रखें ध्यान
घर में स्थापित करने के लिए मिट्टी, पीतल, तांबा, चांदी या सफेद संगमरमर से बनी प्रतिमा ली जा सकती है। मूर्ति खरीदते समय यह जरूर देख लें कि वह कहीं से टूटी या खंडित न हो। घर के पूजा स्थल के आकार के अनुसार ही प्रतिमा चुननी चाहिए। बहुत बड़ी मूर्ति को घर के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
मान्यता के अनुसार गणेश जी की प्रतिमा को घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण या पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है।
स्थापना के बाद ऐसे करें पूजा
गणेश जी की स्थापना से पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाकर प्रतिमा स्थापित करें। चौकी का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। प्रतिमा की स्थापना शुभ मुहूर्त में करने की मान्यता है।
पूजा के दौरान तांबे के बर्तन में पानी, सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखे जा सकते हैं। भगवान गणेश को फल-फूल अर्पित करने के साथ मोदक या लड्डू का भोग लगाएं और विधि-विधान से आरती करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।



