2029 लोकसभा चुनाव के लिए उद्धव शिवसेना की तैयारी तेज, 40 सीटों पर नियुक्त किए प्रभारी

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने महाराष्ट्र की कुल 48 लोकसभा सीटों में से 40 सीटों के लिए प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं। इनमें मुंबई समेत राज्य के कई महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी पार्टी नेताओं को सौंपी गई है। अभी 8 लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी नियुक्त नहीं किए गए हैं।
40 लोकसभा सीटों पर संगठन की जिम्मेदारी तय
पार्टी की ओर से घोषित सूची में मुंबई के कई युवा नेताओं, विधायकों, पूर्व नगरसेवकों और पदाधिकारियों को अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों का संपर्क अधिकारी और प्रभारी बनाया गया है। मुंबई की 6 लोकसभा सीटों के साथ ठाणे और जलगांव लोकसभा क्षेत्र को फिलहाल इस सूची में शामिल नहीं किया गया है।
घोषित नियुक्तियों में कल्याण और भिवंडी की जिम्मेदारी वरुण सरदेसाई को दी गई है। सुनील शिंदे को शिरडी-अहमदनगर, आशीष चेंबुरकर को छत्रपति संभाजीनगर, किरण तावडे को शिरूर और सचिन पडवाल को पुणे जिले की जिम्मेदारी मिली है। सुषमा अंधारे को सोलापुर और माढ़ा लोकसभा क्षेत्रों का संपर्क अधिकारी बनाया गया है।
कई प्रमुख नेताओं को मिली अहम सीटों की जिम्मेदारी
नाशिक और दिंडोरी की जिम्मेदारी रवींद्र मिर्लेकर, बुलढाणा की नितिन देशमुख और नरेंद्र खेडेकर, अकोला की नितिन देशमुख और निलेश घुमाल, अमरावती की नितिन देशमुख और डॉ. किशोर ठाकरे को दी गई है। इसके अलावा हिंगोली में बाबनराव थोरात, कोल्हापुर में अरुण दूधवडकर, बारामती में संजय सावंत, धुले में अशोक धात्रक और रावेर में गुलाबराव वाघ को जिम्मेदारी मिली है।
नंदुरबार में मुकेश सालुंके, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग में प्रदीप बोरिकर, रायगढ़ में संजय मनाजी कदम, मावल में प्रसाद भोईर, पालघर में विलास पोतनिस, सातारा में उदय ढलवी और सांगली में स्वप्निल कुंजर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कल्याण सीट पर खास फोकस, बाकी सीटों पर भी जल्द फैसला संभव
कल्याण लोकसभा सीट की जिम्मेदारी वरुण सरदेसाई को दी गई है। इस सीट से वर्तमान में एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे सांसद हैं। सरदेसाई को कल्याण और भिवंडी दोनों लोकसभा क्षेत्रों के लिए संपर्क अधिकारी बनाया गया है।
पार्टी की ओर से धाराशिव, नांदेड, परभणी, लातूर, बीड, यवतमाल-वाशिम, वर्धा, नागपुर, रामटेक, गढ़चिरौली-चिमूर, चंद्रपुर और भंडारा-गोंदिया समेत कई अन्य सीटों के लिए भी जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। पार्टी का लक्ष्य इन नियुक्तियों के जरिए लोकसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना और चुनावी तैयारियों को पहले से गति देना है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बची हुई 8 लोकसभा सीटों के लिए भी प्रभारी नियुक्त किए जा सकते हैं।



