मायावती की शर्त मानकर अशोक सिद्धार्थ ने लिया राजनीति से संन्यास, आकाश आनंद को लेकर भी दिया बड़ा बयान

आकाश आनंद के ससुर और बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने मायावती को पत्र लिखकर अपने फैसले की जानकारी दी। यह घोषणा मायावती की उस शर्त के करीब 24 घंटे के भीतर हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से पूरी तरह दूर होने के बाद ही आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारी देने पर विचार किया जाएगा।
अशोक सिद्धार्थ ने अपने बयान में कहा कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की पार्टी में वापसी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी पार्टी हित के खिलाफ काम नहीं किया। उन्होंने मायावती के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा कि उनके लिए मायावती का आदेश सबसे ऊपर है।
मायावती को बताया राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन
अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि वह पिछले 35 वर्षों से बहुजन समाज पार्टी, कांशीराम और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के मिशन के लिए समर्पित रहे हैं। उनके मुताबिक, पार्टी में उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने पूरी ताकत से निभाया। उन्होंने मायावती को अपना राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन बताते हुए कहा कि उन्हीं की वजह से वह विधान परिषद और राज्यसभा तक पहुंचे।
उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जाता रहा है कि वह पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं या आकाश आनंद को गुमराह कर रहे हैं। अशोक सिद्धार्थ ने इन आरोपों को राजनीतिक विरोधियों की साजिश बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी देना या नहीं देना पूरी तरह मायावती का फैसला है।
आकाश आनंद की वापसी पर मायावती ने कही ये बात
अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के ऐलान के बाद मायावती ने इसे सही कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला काफी देर से लिया गया है। उनके मुताबिक, अगर अशोक सिद्धार्थ ने पहले ही राजनीति से दूरी बना ली होती तो पार्टी और आकाश आनंद को लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
मायावती ने इससे पहले कहा था कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने के बाद ही आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारियां सौंपने पर विचार किया जाएगा। उनका कहना था कि अशोक के राजनीति से अलग होने पर आकाश आनंद स्वतंत्र रूप से काम कर सकेंगे।
अशोक बोले- बहनजी के आदेश से बड़ा कुछ नहीं
अशोक सिद्धार्थ ने अपने पत्र में कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए दुनिया की हर चीज से बड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर बहुजन समाज के मिशन के हित में उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन से हटने की जरूरत है तो वह तुरंत ऐसा करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी अपील की कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए। उनके अनुसार आकाश आनंद मायावती के भतीजे और पार्टी के महत्वपूर्ण युवा चेहरों में से एक हैं। अब आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा कौन-सी जिम्मेदारी मिलती है और उनकी राजनीतिक भूमिका किस तरह तय होती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।



