होर्मुज खोलने की शर्तों पर ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत, अराघची ने रखीं मांगें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। बताया गया है कि बैठक विटकॉफ के अनुरोध पर हुई।
होर्मुज खोलने के लिए ईरान की शर्तें
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए ईरान की शर्तें अमेरिकी पक्ष के सामने रखीं। इनमें अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तत्काल हटाना, फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करना और सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना शामिल है। ईरान का कहना है कि इन शर्तों पर सहमति बनने के बिना होर्मुज को दोबारा खोलने का फैसला नहीं किया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख तेल और गैस परिवहन मार्गों में शामिल है। ऐसे में इसके संचालन को लेकर किसी भी तरह की बाधा का अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर असर पड़ सकता है।
ट्रंप ने बैठक को बताया उपयोगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब तीन घंटे चली बैठक को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत सार्थक रही और आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक हो सकती है। हालांकि, ट्रंप ने बातचीत में हुई विस्तृत चर्चा के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
यह मुलाकात ट्रंप के उस भाषण के कुछ समय बाद हुई, जिसमें उन्होंने ईरान पर युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते का दबाव बनाया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो ईरान को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
नवंबर के चुनाव के बाद समझौते के संकेत
ट्रंप ने यह भी कहा कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के साथ समझौता होने की संभावना बन सकती है। उनके भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के अधिकांश सदस्य सभागार से बाहर चले गए थे।
फिलहाल दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और युद्ध समाप्त करने की कोशिशों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बातचीत के जरिए किसी समझौते तक पहुंचने के लिए आगे होने वाली बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



