गणेश विसर्जन के दौरान हंगामा: पुलिस पर पार्षदों से मारपीट और लाठीचार्ज का आरोप, बंद-चक्काजाम से तनाव

सिमगा। छत्तीसगढ़ के सिमगा में गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan) के दौरान हुए विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस पर पार्षदों और अन्य लोगों के साथ मारपीट करने तथा लाठीचार्ज करने के आरोप लगाए गए हैं। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सिमगा बंद का आह्वान किया। इसके बाद सिमगा चौक पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और बाजारों में भी इसका असर दिखाई दिया।
बताया जा रहा है कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस और मौके पर मौजूद लोगों के बीच कहासुनी बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति संभालने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय पक्ष का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तीन पार्षदों के साथ भी मारपीट की। घटना के बाद पार्षदों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई और पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गया।
SDOP और थाना प्रभारी पर भी मारपीट के आरोप
मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से SDOP तारेश साहू और थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे पर भी मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि पुलिस ने तीन पार्षदों (Ganesh Visarjan) को दौड़ाकर पीटा। स्थानीय लोगों का कहना है कि गणेश विसर्जन के दौरान विवाद को नियंत्रित करने के लिए की गई कार्रवाई में पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।
हालांकि, इन आरोपों की पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ और पुलिस ने किस परिस्थिति में बल प्रयोग किया, इसकी जानकारी आधिकारिक जांच या पुलिस के पक्ष के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सिमगा चौक पर चक्काजाम, सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी
घटना की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग सिमगा चौक पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
चक्काजाम के कारण कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाई गई। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में बाजार बंद
स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में सिमगा बंद (Ganesh Visarjan) का आह्वान किया। इसके बाद कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में कम गतिविधियां दिखाई दीं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि गणेश विसर्जन के दौरान हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पार्षदों व अन्य लोगों के साथ मारपीट के आरोपों पर कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान विवाद की स्थिति बनने के बाद पुलिस की कार्रवाई से मामला और बढ़ गया। वहीं, पुलिस की ओर से घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
विवाद की शुरुआत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गणेश विसर्जन के दौरान विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस के बीच किस घटनाक्रम के बाद स्थिति बिगड़ी और लाठीचार्ज की नौबत क्यों आई।
पूरे मामले में पुलिस के अधिकारियों, पार्षदों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। घटनास्थल के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से भी घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल सिमगा में तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन का फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को सामान्य करने पर है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही लाठीचार्ज, मारपीट और विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



