रायपुर जिला अस्पताल में गार्ड ने गर्भवती को लगाई ड्रिप, वीडियो वायरल
नर्स के कहने पर गार्ड द्वारा ड्रिप लगाने का दावा; अस्पताल में एक दिन में हुए थे 12 ऑपरेशन, स्टाफ पर काम का दबाव होने की बात

रायपुर। रायपुर के कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल से मरीजों के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने वाला एक वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक सुरक्षा गार्ड गर्भवती महिला को ड्रिप ( IV drip) लगाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अस्पताल की एक नर्स के कहने पर गार्ड ने महिला को ड्रिप लगाई।
वीडियो में गार्ड मरीज के पास बैठकर ड्रिप लगाने की प्रक्रिया करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो कब का है और उस समय अस्पताल में मौजूद चिकित्सा स्टाफ की स्थिति क्या थी, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।
एक दिन में 12 ऑपरेशन, स्टाफ पर काम का दबाव होने की बात
बताया जा रहा है कि जिस दिन का यह मामला बताया जा रहा है, उस दिन जिला अस्पताल में करीब 12 ऑपरेशन हुए थे। इसके चलते अस्पताल के चिकित्सा और नर्सिंग स्टाफ पर काम का दबाव होने की बात सामने आ रही है। इसी बीच गर्भवती महिला को ड्रिप ( IV drip) लगाने की जिम्मेदारी सुरक्षा गार्ड को दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में किसी सुरक्षा गार्ड द्वारा मरीज को चिकित्सा प्रक्रिया से जुड़ी सेवा दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह स्थिति क्यों बनी।
नर्स के कहने पर गार्ड ने लगाई ड्रिप?
वायरल वीडियो से जुड़े दावे के मुताबिक, संबंधित नर्स ने व्यस्त होने की बात कहते हुए गार्ड से गर्भवती महिला को ड्रिप लगाने के लिए कहा था। इसके बाद गार्ड ने महिला को ड्रिप लगाने की प्रक्रिया की। हालांकि, नर्स ने वास्तव में ऐसा निर्देश दिया था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि वीडियो में दिखाई दे रही प्रक्रिया के दौरान अस्पताल का कोई प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी मौके पर मौजूद था या नहीं। इसलिए वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मरीज की सुरक्षा पर उठे सवाल
अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है। खासकर गर्भवती महिलाओं के मामले में चिकित्सा प्रक्रिया प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में किए जाने की अपेक्षा रहती है। ऐसे में सुरक्षा गार्ड द्वारा ड्रिप लगाए जाने का वीडियो सामने आने से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग अस्पताल प्रबंधन से मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि अस्पताल में स्टाफ की कमी या काम का दबाव था, तो मरीजों की देखभाल के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल वायरल वीडियो ( IV drip) के आधार पर अस्पताल में लापरवाही की बात कही जा रही है। वीडियो की तारीख, मरीज की स्थिति, संबंधित स्टाफ की मौजूदगी और गार्ड को ड्रिप लगाने के लिए किसने कहा, इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले में अस्पताल प्रबंधन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इस मामले में किसी कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की गई है।



