देश में बदला मौसम का मिजाज: उत्तर भारत में मानसून की विदाई, दक्षिण में बारिश का दौर

दिल्ली। देश में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है।
उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी आगे बढ़ रही है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में बारिश का दौर जारी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 3 अक्टूबर को उत्तर और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
उत्तर भारत में मानसून की विदाई का दौर
मानसून की वापसी के साथ दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बढ़ रही है, जबकि दिन में अभी गर्मी बनी हुई है।
दिल्ली में हाल के दिनों में बारिश और बादल छाए (Weather) रहने के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी के साथ उत्तर भारत में धीरे-धीरे शुष्क मौसम बढ़ने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत के बाद अब मानसून के मध्य भारत के कुछ हिस्सों से भी पीछे हटने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसका असर आने वाले दिनों में तापमान और बारिश के पैटर्न में दिखाई देगा। मौसम में बदलाव के कारण सुबह और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर
मानसून की वापसी के बावजूद दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। IMD ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
केरल में भी भारी से बहुत भारी बारिश के आसार बताए गए हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इस दौरान स्थानीय स्तर पर तेज हवाएं और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बारिश के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी कुछ हिस्सों में बारिश (Weather) का असर बना हुआ है। IMD के अनुसार पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
महाराष्ट्र में मानसून की विदाई के संकेत
महाराष्ट्र में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बन रही हैं। IMD के अधिकारियों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे में राज्य के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो सकती है।
पुणे और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि कमजोर रहने और शुष्क मौसम की स्थिति बनने का अनुमान है।
मानसून की वापसी के लिए लगातार कुछ दिनों तक बारिश का अभाव और हवाओं की दिशा में बदलाव जैसे मौसम संबंधी मानदंड देखे जाते हैं। इन परिस्थितियों के आधार पर ही किसी क्षेत्र से मानसून की वापसी घोषित की जाती है।
छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत में बदलाव
मध्य भारत में भी मानसून की गतिविधि कमजोर होने के साथ मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने और हल्की बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।
IMD की 3 अक्टूबर की जिलावार चेतावनी व्यवस्था में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए मौसम संबंधी निगरानी जारी है। विभाग ने 3 से 7 अक्टूबर तक के लिए जिला स्तर पर चेतावनी और पूर्वानुमान उपलब्ध कराया है।
अक्टूबर में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने अक्टूबर के लिए भी बारिश और तापमान का मौसमी पूर्वानुमान जारी किया है। मानसून के बाद की ऋतु में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का पैटर्न तेजी से बदलता है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की विदाई के साथ बारिश कम होने लगती है, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप में अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां कई बार फिर बढ़ती हैं।
फिलहाल देश में मौसम पूरी तरह से शुष्क नहीं हुआ है। एक ओर उत्तर भारत में मानसून की वापसी और तापमान में बदलाव का दौर है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश जारी है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहने की संभावना है।



