यमन में एयरस्ट्राइक से बाजार में तबाही: 7 की मौत, 40 घायल; हूतियों ने सरकारी बलों पर लगाया आरोप

दिल्ली। यमन के ताइज प्रांत में रविवार को एक हवाई हमले (Airstrike) में कम से कम 7 लोगों की मौत और 40 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हमले के बाद बाजार का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया।
हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि मृतकों और घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। ईरान समर्थित हूतियों ने हमले के लिए सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों को जिम्मेदार ठहराया है।
घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में बाजार की कई दुकानों और आसपास के हिस्से को नुकसान पहुंचा हुआ दिखाई दे रहा है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हूतियों ने बाजार को निशाना बनाने का लगाया आरोप
हूती पक्ष का कहना है कि ताइज प्रांत के एक बाजार को हवाई हमले का निशाना बनाया गया। उसके अनुसार, हमले के समय बाजार में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय ने मृतकों की संख्या 7 और घायलों की संख्या 40 बताई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि घायलों में बच्चे शामिल हैं।
हूती पक्ष ने हमले के लिए यमन की सरकारी सेना को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे नागरिक इलाके पर हमला बताया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यमन सरकार का दावा- सैन्य ठिकाना था निशाना
दूसरी ओर, यमन सरकार से जुड़े सूत्रों ने हमले (Airstrike) को लेकर अलग दावा किया है। सरकार के मुताबिक, उसकी सेना ने ताइज प्रांत में माविया जंक्शन के पास मौजूद हूती सैन्य शिविर और वहां खड़े वाहनों को निशाना बनाया था।
सरकार से जुड़े तीन सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया गया कि हूती लड़ाकों ने हाल में बाजार के पास एक सैन्य कैंप बनाया था। सरकारी पक्ष का दावा है कि एयरस्ट्राइक इसी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर की गई थी।
बाजार और सैन्य ठिकाने के दावे अलग-अलग
हमले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि हवाई हमले का वास्तविक निशाना क्या था। हूती पक्ष इसे आम लोगों से भरे बाजार पर हमला बता रहा है, जबकि यमन सरकार का कहना है कि कार्रवाई एक सैन्य ठिकाने और वहां मौजूद वाहनों के खिलाफ की गई थी।
मौके से सामने आई तस्वीरों में बाजार का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है। दुकानों और आसपास के ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है कि हमले में बाजार को सीधे निशाना बनाया गया था या सैन्य ठिकाने को।
यमन में जारी है लंबे समय से संघर्ष
यमन में हूती विद्रोहियों (Airstrike) और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। इस संघर्ष में अलग-अलग समय पर क्षेत्रीय शक्तियां भी शामिल रही हैं। सऊदी अरब ने यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य कार्रवाई की है, जबकि हूती समूह को ईरान का समर्थन प्राप्त होने की बात कही जाती है।
ताजा हमले ने एक बार फिर यमन में नागरिक इलाकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इस घटना में जिम्मेदारी और हमले के वास्तविक लक्ष्य को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं। इसलिए मृतकों और घायलों की संख्या तथा हमले के उद्देश्य से संबंधित जानकारी को संबंधित पक्षों के दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।



