छत्तीसगढ़ में महंगाई की मार! प्याज 60 और शक्कर 70 के पार, बिगड़ा रसोई का बजट

बालोद-त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले ही महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। छत्तीसगढ़ के बाजारों में प्याज और शक्कर के बढ़ते दाम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। करीब 15 दिन पहले 20 रुपए किलो बिकने वाला प्याज अब 60 रुपए के पार पहुंच गया है, जबकि शक्कर के दाम भी 44 रुपए से बढ़कर करीब 70 रुपए किलो बताए जा रहे हैं।
महंगाई का असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। सब्जी और राशन खरीदने पहुंचे लोग दुकानदार से दाम पूछ रहे हैं और कई बार बिना सामान खरीदे ही वापस लौट रहे हैं।
500 रुपए का बजट अब दो दिन में खत्म
महिलाओं का कहना है कि कुछ समय पहले 500 रुपए में कई दिनों की सब्जी आ जाती थी, लेकिन अब इसी रकम में दो दिन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
महंगाई के चलते कई परिवारों ने खरीदारी का तरीका बदल दिया है। पहले जहां लोग किलो या आधा किलो सामान खरीदते थे, अब जरूरत के हिसाब से पाव भर खरीदने पर मजबूर हैं।
त्योहारों के दौरान मेहमानों का आना-जाना भी बढ़ जाता है। ऐसे में शक्कर, चायपत्ती और दूसरी जरूरी चीजों के बढ़ते दाम ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
प्याज के दाम में बड़ा उछाल
प्याज की कीमत में अचानक आई तेजी ने सबसे ज्यादा परेशान किया है। बताया जा रहा है कि करीब 15 दिन पहले जो प्याज 20 रुपए किलो के आसपास मिल रहा था, वह अब 60 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गया है।
प्याज रोजमर्रा की रसोई का जरूरी हिस्सा है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर घर के महीने के बजट पर पड़ता है।
दूसरी ओर शक्कर भी महंगी हो गई है। 44 रुपए किलो से बढ़कर करीब 70 रुपए किलो पहुंची शक्कर ने त्योहार से पहले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पैकेट वही, लेकिन सामान कम!
महंगाई का एक और असर पैकेज्ड सामान में देखने को मिल रहा है। बाजार में कुछ कंपनियों ने कीमत बढ़ाने के बजाय पैकेट में सामान की मात्रा कम करने का तरीका अपनाया है।
बताया जा रहा है कि जहां पहले 1000 एमएल का पैक मिलता था, वहीं अब 850, 900 या 910 एमएल जैसे पैक बाजार में दिखाई दे रहे हैं। छोटे पैकेटों में भी कुछ मात्रा कम किए जाने की बात सामने आई है।
यानी ग्राहक को पैकेट की कीमत देखकर लग सकता है कि दाम नहीं बढ़े, लेकिन कम मात्रा मिलने से प्रति लीटर या प्रति किलो वास्तविक कीमत बढ़ जाती है।
हरी सब्जियों के दाम भी बढ़े
प्याज और शक्कर के अलावा हरी सब्जियों की कीमतों ने भी लोगों की परेशानी बढ़ाई है। बाजार में सब्जियों के ठेले तो नजर आ रहे हैं, लेकिन ग्राहक कई बार सिर्फ भाव पूछकर आगे बढ़ जा रहे हैं।
बारिश का असर भी सब्जियों की आवक और कीमतों पर पड़ रहा है। व्यापारियों के मुताबिक अगर मौसम साफ हुआ और सब्जियों की आवक बढ़ी तो आने वाले दिनों में हरी सब्जियों के दाम में कुछ राहत मिल सकती है।
त्योहारों के बीच राहत कब मिलेगी?
रक्षाबंधन के बाद गणेश उत्सव, नवरात्रि और फिर दीपावली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। यानी आने वाले हफ्तों में बाजार में खरीदारी बढ़ने वाली है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या त्योहारों के बीच महंगाई से आम आदमी को राहत मिलेगी?
व्यापारियों का कहना है कि हरी सब्जियों की कीमतों में मौसम सुधरने पर नरमी आ सकती है, लेकिन प्याज और शक्कर की कीमतों को लेकर फिलहाल राहत की उम्मीद कम है।
त्योहार खुशियों का समय होता है, लेकिन बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—जरूरत का सामान खरीदें या बजट बचाएं?



