उत्तराखंड में बारिश का कहर, खतरे के निशान के करीब पहुंचीं नदियां; NH-34 समेत 10 सड़कें बंद

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा के चलते नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और कई स्थानों पर वे खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। हालात को देखते हुए ऋषिकेश-देवप्रयाग मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 सहित 10 प्रमुख सड़कें बंद कर दी गई हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और चंपावत समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
खतरे के निशान के करीब पहुंचीं गंगा और अलकनंदा
लगातार बारिश के कारण देवप्रयाग और ऋषिकेश में गंगा तथा अलकनंदा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। देवप्रयाग के रामकुंड में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। वहीं अलकनंदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। ऋषिकेश के मायकुंड क्षेत्र में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर के करीब दर्ज किया गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई सड़कें बंद
टिहरी जिले समेत राज्य के कई पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। भिलंगना, बालगंगा और नैलचामी नदियों में जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-34, राज्य राजमार्ग-31 और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली कई सड़कें मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हो गई हैं। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कई गांवों का संपर्क भी बाधित हो गया है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी दिनों में भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज गर्जना की संभावना जताई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और आपदा प्रबंधन की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।



