16 करोड़ रुपये के बकाया लोन पर घिरे राजपाल यादव, शाहजहांपुर की संपत्ति पर लगा नीलामी का नोटिस

फिल्म अभिनेता राजपाल यादव एक बार फिर कानूनी विवाद में घिर गए हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में उनकी और उनके परिवार के नाम दर्ज संपत्तियों पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने नीलामी का नोटिस चस्पा कर दिया है। यह कार्रवाई करीब 16.61 करोड़ रुपये के बकाया ऋण की वसूली के लिए की जा रही है।
बैंक के मुताबिक, अभिनेता राजपाल यादव, उनकी पत्नी राधा यादव और उनकी मां गोदावरी देवी के नाम पर 16 करोड़ 61 लाख 64 हजार 638 रुपये की देनदारी लंबित है। यह कार्रवाई मुंबई के ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) के आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
9 सितंबर तक मिला आखिरी मौका
बैंक ने बताया है कि संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी। यदि राजपाल यादव इस तारीख से पहले पूरा बकाया जमा कर देते हैं, तो नीलामी की प्रक्रिया रोकी जा सकती है।
किस संपत्ति की होगी नीलामी?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लीगल एडवाइजर एडवोकेट सुधीर श्रीवास्तव के अनुसार, शाहजहांपुर जिले की पुवायां तहसील के बंडा क्षेत्र में स्थित गाटा संख्या 1410, 1411, 1412 और 1413 की जमीन और उस पर बने भवन को नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
इस संपत्ति का आरक्षित मूल्य 3 करोड़ 10 लाख रुपये तय किया गया है। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक लोगों को 31 लाख रुपये बतौर बयाना राशि जमा करनी होगी।
फिल्म बनाने के लिए लिया था लोन
यह पूरा मामला वर्ष 2012 में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। इस फिल्म का निर्माण राजपाल यादव की कंपनी श्री नवरंग गोदावरी एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने किया था। फिल्म के निर्माण के लिए करीब 16 करोड़ रुपये का बैंक ऋण लिया गया था।
राजपाल यादव इस फिल्म के निर्माता और निर्देशक होने के साथ-साथ मुख्य कलाकार भी थे। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और समय के साथ ऋण बकाया बढ़कर 16.61 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। अब बैंक उसी बकाया राशि की वसूली के लिए उनकी संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।



