यूरोप की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी बनी MI6, 25 देशों के विशेषज्ञों की समीक्षा में शीर्ष पर

ब्रिटेन की विदेशी खुफिया एजेंसी MI6 को यूरोप की सबसे प्रभावशाली विदेशी खुफिया एजेंसी बताया गया है। यह दावा फ्रांसीसी पत्रिका L’Express की ओर से कराई गई समीक्षा में किया गया है। इस समीक्षा में 25 देशों के 60 खुफिया विशेषज्ञों और अधिकारियों ने पश्चिमी सहयोगी देशों की खुफिया एजेंसियों का मूल्यांकन किया।
रिपोर्ट के अनुसार, MI6 को 251 अंक मिले, जो किसी भी अन्य यूरोपीय एजेंसी से अधिक हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि MI6 की सबसे बड़ी ताकत उच्च स्तर के मुखबिर तैयार करना और रूस, चीन, ईरान तथा तुर्की जैसे देशों के सत्ता प्रतिष्ठानों तक अपनी पहुंच बनाना है। एजेंसी लंबे समय तक गुप्त नेटवर्क तैयार कर संवेदनशील जानकारी जुटाने में माहिर मानी जाती है।
रैंकिंग में फ्रांस की DGSE दूसरे स्थान पर रही। इसकी वैश्विक पहुंच, आतंकवाद-रोधी अभियानों और गुप्त ऑपरेशनों की सराहना की गई। इसके बाद नीदरलैंड, यूक्रेन और जर्मनी की एजेंसियां शीर्ष पांच में शामिल रहीं, जबकि स्लोवाकिया की एजेंसी सबसे निचले स्थान पर रही।
रिपोर्ट में रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया गया है। समीक्षा के मुताबिक, फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले से पहले संभावित आक्रमण की चेतावनी सबसे पहले MI6 ने दी थी। बाद में अमेरिकी CIA ने भी इसी आकलन का समर्थन किया। CIA के पूर्व अधिकारी राल्फ गोफ और रॉबर्ट गोरेलिक ने भी यूक्रेन से जुड़े मामलों में MI6 की भूमिका को सबसे प्रभावी बताया।
लंबी रणनीति और गुप्त अभियानों पर रहता है जोर
रिपोर्ट के अनुसार, MI6 की कार्यशैली अन्य एजेंसियों से अलग है। एजेंसी वर्षों तक एक ही स्रोत पर काम करती है और लंबी रणनीति के तहत अपना सूचना नेटवर्क तैयार करती है। पूर्व फ्रांसीसी खुफिया प्रमुख के अनुसार, जरूरत पड़ने पर MI6 जोखिम भरे गुप्त अभियानों को अंजाम देने से भी पीछे नहीं हटती।
पिछले वर्ष पहली बार ब्लेज़ मेट्रेवेली ने MI6 की प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने सर रिचर्ड मूर का स्थान लिया। वहीं फ्रांस की DGSE को दुनिया की सबसे प्रभावी आतंकवाद-रोधी एजेंसियों में गिना जाता है। पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी अपने कार्यकाल में कई गुप्त आतंकवाद-रोधी अभियानों की पुष्टि कर चुके हैं।
यह समीक्षा केवल यूरोप और पश्चिमी सहयोगी देशों की विदेशी खुफिया एजेंसियों पर आधारित है। इसमें अमेरिका की CIA, रूस की SVR या चीन की MSS जैसी वैश्विक एजेंसियों की समग्र रैंकिंग शामिल नहीं की गई।
English: Britain’s MI6 has been ranked Europe’s most powerful foreign intelligence agency in a review by 60 intelligence experts from 25 countries, praised for its global spy network, long-term strategy, and ability to penetrate hostile governments.



