US की सऊदी अरब को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी: लेवल-3 जारी, यमन सीमा पर लेवल-4 अलर्ट

दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब (US) की यात्रा को लेकर अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 15 सितंबर 2026 को सऊदी अरब के लिए लेवल-3 ‘रीकंसिडर ट्रैवल’ एडवाइजरी जारी की है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से सऊदी अरब की यात्रा पर दोबारा विचार करने को कहा गया है। एडवाइजरी में ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, संभावित एग्जिट बैन और सोशल मीडिया से जुड़े स्थानीय कानूनों को जोखिम के तौर पर बताया गया है।
यमन सीमा पर सबसे सख्त चेतावनी
अमेरिका ने सऊदी अरब के यमन से लगते सीमा क्षेत्र के लिए इससे भी सख्त लेवल-4 ‘डू नॉट ट्रैवल’ चेतावनी जारी रखी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार इस क्षेत्र में आतंकवादी हमलों और सीमा पार हिंसा का जोखिम है। यमन सीमा से लगे इलाकों में सशस्त्र समूह ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट से हमले कर चुके हैं।
अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को भी यमन सीमा से 20 मील यानी करीब 32 किलोमीटर के दायरे में जाने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा कतीफ में गैर-जरूरी यात्रा पर भी रोक है। जिजान, असीर, नजरान और कतीफ प्रांतों की यात्रा के लिए अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को विशेष अनुमति की जरूरत है।
ईरानी ड्रोन-मिसाइल हमलों का खतरा
अमेरिकी एडवाइजरी में कहा गया है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका (US) और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से सऊदी अरब पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार ऐसे हमले शहरों, बुनियादी ढांचे, एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों, राजनयिक परिसरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकते हैं।
अमेरिका ने यह भी कहा है कि इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन और मिसाइलों का मलबा भी नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। खासकर सैन्य ठिकानों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास रहने या काम करने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए जोखिम अधिक बताया गया है।
हूती विद्रोहियों की धमकी भी वजह
एडवाइजरी में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर दोबारा हमले की धमकी का भी उल्लेख किया गया है। क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने के साथ सऊदी शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।
रॉयटर्स की 16 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों पर हवाई हमले बढ़ाए हैं, जबकि हूती लड़ाकों की ओर से सऊदी शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा है।
आतंकवाद का भी खतरा
अमेरिका ने सऊदी अरब में आतंकवादी हिंसा के खतरे को भी एडवाइजरी में शामिल किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक हमले बिना किसी बड़ी चेतावनी के हो सकते हैं। संभावित निशानों में राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल, विदेशी नागरिकों के आने-जाने वाली जगहें, होटल, परिवहन केंद्र, बाजार, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन स्थल और सरकारी प्रतिष्ठान शामिल हैं।
उड़ानें जारी, लेकिन व्यवधान की आशंका
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक सऊदी अरब से वाणिज्यिक उड़ानें संचालित हो रही हैं, लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष के कारण इनमें समय-समय पर महत्वपूर्ण व्यवधान आ सकते हैं। ऐसे में यात्रा करने वाले अमेरिकी नागरिकों को अपनी उड़ान और यात्रा योजना में संभावित बदलावों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
सोशल मीडिया कानूनों को लेकर भी चेतावनी
ट्रैवल एडवाइजरी में सऊदी अरब के स्थानीय कानूनों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है। खास तौर पर सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों का उल्लेख किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को स्थानीय नियमों की जानकारी लेने और उनका पालन करने की सलाह दी है। एडवाइजरी में संभावित एग्जिट बैन को भी एक जोखिम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
परिवारों को सऊदी आने की अनुमति
अमेरिकी सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 30 अगस्त 2026 से सऊदी अरब (US) में काम कर रहे अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के परिवार के सदस्य उनके साथ रह सकते हैं। हालांकि कर्मचारियों के लिए कुछ क्षेत्रों में यात्रा प्रतिबंध और विशेष अनुमति की व्यवस्था लागू है।
अमेरिका की नई एडवाइजरी में पूरे सऊदी अरब के लिए लेवल-3 और यमन सीमा क्षेत्र के लिए लेवल-4 चेतावनी अलग-अलग रखी गई है। इसका मतलब है कि अमेरिकी सरकार पूरे देश में यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रही है, जबकि यमन सीमा से जुड़े इलाकों को ज्यादा जोखिम वाला क्षेत्र माना गया है।
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का असर खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा तथा हवाई और समुद्री यातायात पर भी पड़ रहा है। रॉयटर्स के अनुसार 17 सितंबर को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की संख्या भी सामान्य स्तर की तुलना में काफी कम रही।



