IT नियमों के उल्लंघन पर सरकार का बड़ा एक्शन, दो साल में 50 OTT प्लेटफॉर्म किए ब्लॉक

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भारत में ब्लॉक कर दिया है। सरकार ने लोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत की गई है। सरकार का कहना है कि डिजिटल माध्यमों पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ कानूनों का पालन और जवाबदेही भी जरूरी है।
अश्लील कंटेंट पर सख्ती, शिकायत के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था
सरकार के अनुसार, जिन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई, उन पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप थे। यह कार्रवाई आईटी एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और महिलाओं के अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 के तहत की गई है।
दर्शकों की शिकायतों के समाधान के लिए तीन-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली भी लागू की गई है। पहले स्तर पर शिकायत संबंधित पब्लिशर के पास जाएगी, दूसरे स्तर पर स्व-नियामक संस्था इसकी समीक्षा करेगी और यदि वहां भी समाधान नहीं होता है तो तीसरे स्तर पर केंद्र सरकार का निगरानी तंत्र मामले में हस्तक्षेप करेगा।
फेक न्यूज पर निगरानी, जवाबदेही पर जोर
सरकार ने फर्जी और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए फैक्ट चेक यूनिट (FCU) का गठन भी किया है। यह इकाई सरकारी योजनाओं और नीतियों से जुड़ी खबरों की सत्यता की जांच कर प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराती है, ताकि लोगों तक सही सूचना पहुंच सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों का उद्देश्य किसी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाना नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। आईटी नियम, 2021 के तहत डिजिटल न्यूज और ओटीटी पब्लिशर्स के लिए आचार संहिता लागू की गई है, जिससे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कानूनी और जिम्मेदार कंटेंट को बढ़ावा दिया जा सके।



