फ्लाईदुबई विमान में बड़ा संकट टालने वाले पायलट स्मित मछार की बहादुरी को पीएम मोदी ने सराहा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में पायलट पर चाकू से हमला होने के बाद बड़ा विमान हादसा टल गया। इस दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए साहस दिखाया। उनकी बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सराहना की है।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद संभाला मोर्चा
फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मछार पर उनके को-पायलट ने चाकू से हमला कर दिया था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने स्थिति का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को-पायलट को काबू में किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उन्हें हीरो बताया। उन्होंने कहा कि बेहद खतरनाक परिस्थितियों और गंभीर चोट के बावजूद मछार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी बहादुरी से बड़ी त्रासदी टल गई और देश को उन पर गर्व है।
नेतन्याहू ने भी की बहादुरी की तारीफ
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मछार की बहादुरी को सलाम किया। उन्होंने कहा कि चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी भारतीय पायलट ने हमलावर का विरोध किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला। इससे यात्रियों और चालक दल को हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली।
नेतन्याहू के मुताबिक, इस घटना में 174 लोगों की जान बची, जिनमें इजराइली नागरिकों के साथ अन्य देशों के यात्री भी शामिल थे। उन्होंने कैप्टन मछार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की।
दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने संभाला विमान
घटना के दौरान विमान में अफरा-तफरी मच गई थी। विमान के हाईजैक होने का संकेत मिलने के बाद उसे डायवर्ट किया गया और इजराइल ने सुरक्षा के लिए दो लड़ाकू विमान भी तैयार रखे। इसी बीच कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्री अंदर पहुंचे और हमलावर को-पायलट को काबू में किया।
विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार नीचे जा रहे विमान का नियंत्रण संभाला और आपातकालीन लैंडिंग कराई। इस तरह विमान में सवार सभी 174 लोगों की जान बचाई जा सकी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मछार को हीरो बताते हुए उनकी सूझबूझ और साहस की सराहना की। उन्होंने घटना के दौरान पायलट के घायल होने और इसके बावजूद विमान को सुरक्षित रखने के प्रयासों का उल्लेख किया।



