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दुनिया में फिर बढ़ी परमाणु रेस, SIPRI की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

दक्षिण एशिया में बदलता संतुलन, भारत का न्यूक्लियर स्टॉक बढ़ा

दिल्ली। दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख देशों के बीच गहराते अविश्वास के बीच वैश्विक परमाणु स्थिति को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। कई देशों द्वारा अपने सैन्य ढांचे, खासकर परमाणु(Atom) हथियारों के आधुनिकीकरण और विस्तार की दिशा में कदम तेज किए जा रहे हैं।

परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में प्रयासों की गति हुई धीमी

रक्षा मामलों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट’ (SIPRI) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट ‘सिपरी ईयरबुक 2026’ में यह संकेत दिया गया है कि परमाणु(Atom) निरस्त्रीकरण की दिशा में दशकों से चल रहे प्रयासों की गति अब धीमी पड़ती दिखाई दे रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, कई देश बदलते वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए अपनी सुरक्षा नीति में परमाणु हथियारों को फिर से प्रमुख स्थान दे रहे हैं और मौजूदा हथियार प्रणालियों को अधिक आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है।

भारत के परमाणु हथियारों दर्ज की गई वृद्धि

दक्षिण एशिया के संदर्भ में रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि क्षेत्रीय सामरिक संतुलन में बदलाव देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक भारत के परमाणु(Atom) हथियारों के अनुमानित भंडार में वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2025 में लगभग 180 वॉरहेड्स से बढ़कर 2026 में करीब 190 वॉरहेड्स तक पहुंच गया है।

रिपोर्ट के निष्कर्ष वैश्विक सुरक्षा ढांचे पर नई बहस को जन्म दे रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय संबंध पहले से ही तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।

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