छत्तीसगढ़ सरकार की रानी दुर्गावती योजना
बेटियों को मिलेगी 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सुरक्षा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में जन्म लेने वाली बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रानी दुर्गावती योजना शुरू की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत जन्म लेने वाली प्रत्येक पात्र बालिका को सरकार की ओर से 1.50 लाख रुपये का आश्वासन प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
बेटियों की उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की पहल
योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि आर्थिक सुरक्षा मिलने से बालिकाओं के बेहतर भविष्य की नींव मजबूत होगी और परिवारों को भी उनकी शिक्षा एवं विकास के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
माता-पिता या अभिभावक को कराना होगा पंजीकरण
योजना के अनुसार, बालिका के जन्म के समय ही उसके माता-पिता या अभिभावक को पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद संबंधित बालिका को योजना की लाभार्थी के रूप में दर्ज किया जाएगा और आश्वासन प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह राशि तत्काल नहीं दी जाएगी, बल्कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर उसे योजना का लाभ प्राप्त होगा।
सरकार का कहना है कि इस पहल से बेटियों को आगे की पढ़ाई, व्यावसायिक प्रशिक्षण और आत्मनिर्भर बनने के अवसर मिलेंगे। साथ ही यह योजना समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मददगार साबित होगी।
ऐसे ले सकते है योजना का लाभ
यदि कोई परिवार इस योजना का लाभ लेना चाहता है, तो वह अपने क्षेत्र के महिला एवं बाल विकास विभाग, ग्राम पंचायत अथवा नगर निगम कार्यालय से संपर्क कर सकता है। यहां योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता की शर्तें और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
रानी दुर्गावती योजना राज्य की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे उन्हें शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिल सकेगा।

